सुस्त अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सीआईआई ने बजट में की ये मांगें

नई दिल्ली : आगामी बजट में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से कॉरपोरेट टैक्स की विभिन्न दरों की जगह अप्रैल 2023 तक बिना किसी छूट के 15 फीसद की दर तय करने का आग्रह किया है और साथ ही निवेश से जुड़े फैसलों को भी को गति देने के लिए आगामी बजट में इससे जुड़ा ऐलान करने की मांग की है।

सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर का कहना है कि केंद्रीय बजट में एक अप्रैल, 2023 तक सभी कॉरपोरेट टैक्स रेट को बिना किसी छूट या प्रोत्साहन के 15 फीसद करने कर दी जाए, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा। टैक्स में की गई कटौती से अब तक वांछित असर देखने को नहीं मिला है और बहुत सारे टैक्स रेट इसकी वजह है। इससे मैन्यूफैक्चरिंग एवं सर्विस सेक्टर्स में कर की दर में असमानता है और सरकार ने पिछले साल सितंबर में कॉरपोरेट टैक्स रेट को घटाकर 22 फीसद कर दिया था।

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सरचार्ज और सेस देय था और कंपनियों को कर में छूट एवं प्रोत्साहन राशि लेने की छूट नहीं थी। नई कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 15 फीसद करने का निर्णय किया गया था। देश की अर्थव्यवस्था सुस्त है, ऐसे में ये मांगे काफी अहम हैं।

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