चाय की चुस्कियां अब पड़ सकती हैं महंगी

नई दिल्ली : दुनिया में अधिकतर लोगों की सुबह की शुरुआत चाय से शुरू होती है। भारत तो चाय उत्पादक देश है और यहां का चाय दुनियाभर में मशहूर है। इसके बावजूद देश के चाय उद्योग को जो सहयोग मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है, इसकी वजह यह है चाय का न्यूनतम मानक मूल्य तय नहीं किया गया है।
न्यूनतम मानक मूल्य तय नहीं होने के कारण चाय की बिक्री के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है, ऐसे में टी-बोर्ड ने चाय के उत्पादन और खपत को देखते हुए चाय की कीमतें बढ़ने के संकेत दिए हैं। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाला चाय बोर्ड विभिन्न ग्रेड की चाय की पत्तियों के लिए न्यूनतम मानक मूल्य तय करने की व्यवस्था पर विचार कर रहा है। चाय उद्योग काफी समय से यह मांग उठाता रहा है। भारतीय चाय संघ (आईटीए) का कहना है कि सरकार को विभिन्न श्रेणियों की चाय की पत्तियों के लिए न्यूनतम मानक मूल्य निर्धारित करने चाहिए। इससे चाय उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा और निर्यात बढ़ेगा। भारत की चाय की विदेशों के साथ-साथ देश में भी काफी खपत है। देश में चाय की घरेलू खपत हर साल 2. 2 फीसदी की दर से बढ़ रही है।

चाय का एमएसपी तय करने के लिए चाय के छोटे उत्पादक लंबे समय से मांग कर रहे हैं। ऐसा ना होने से चाय के छोटे उत्पादक बड़े उत्पादकों पर निर्भर हैं, चाय के इन छोटे उत्पादकों को बड़े उत्पादकों के भरोसे रहना पड़ता है। चाय के छोटे व्यापारियों का देश के कुल चाय उत्पादन में 35 फीसदी योगदान है। इन्हें चाय की प्रोसेसिंग के लिए बड़े उत्पादकों पर निर्भर रहना पड़ता है।  भारतीय लघु चाय उत्पादक संघ के अध्यक्ष बिजॉय गोपाल चक्रवर्ती ने बताया कि देश में लगभग 2. 5 लाख छोटे चाय उत्पादक हैं। चाय उत्पादन की इनकी लागत 15-18 रुपये प्रति किलोग्राम आती है, जबकि बड़े उत्पादक इनसे केवल 7-14 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चाय खरीदते हैं।  चाय बोर्ड के चाय प्रोत्साहन विभाग के निदेशक एस सौंदराराजन ने कहा कि वर्ष 2019 में भी चाय का उत्पादन पिछले साल जितना ही रहने की उम्मीद है, लेकिन बुनियादी स्थिति ठीक न होने से इस साल कीमतों में मजबूती आने की संभावना है।

सौंदराराजन ने कहा कि चाय की कीमते बढ़नी चाहिए, क्योंकि हमने दिसंबर से फरवरी के दौरान कई राज्यों में चाय पत्तियां तोडना बंद कर दिया था, जिसके चलते 2. 5 करोड़ किग्रा उत्पादन में कमी आई है।

135 करोड़ किग्रा चाय का उत्पादन

भारत ने 2018 में 5,132. 37 करोड़ रुपये की चाय का निर्यात किया था। वहीँ बीते साल देश में 135 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन हुआ था। इससे पिछले साल यानी 2017 में यह आंकड़ा 4,987.59 करोड़ रुपये रहा था। भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में ईरान, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और सीआईएस के देश शामिल हैं।

ये हैं चाय की किस्में 

भारत में चाय की 7 प्रमुख किस्में हैं, जिनमें दार्जलिंग चाय, आसाम चाय, नीलगिरी चाय, कांगड़ा चाय, मुन्नार चाय, डूआर चाय और मसाला चाय।

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