सरकार सुरंग के जरिए बढ़ाएगी यातायात, अगले पांच साल में निवेश करेगी एक लाख करोड़ रुपये

नई दिल्ली : सरकार महत्वपूर्ण इलाकों को सुरंग के जरिये कनेक्ट करना चाहती है, जिससे मौसम या अन्य कारणों से यातायात बाधित ना हो। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले पांच साल में इस दिशा में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। देश में सुरंगों की जरूरत है, विशेषरूप से रणनीतिक रूप से महत्व वाले इलाकों को जोड़ने के लिए, यहां हर परिस्थिति में आवागमन संभव होगा। गड़करी ने ये बातें एक कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण समेत विभिन्न परियोजनाओं के लिए तकनीकी एवं वित्तीय शर्तो में नरमी की जरूरत है और इससे छोटी कंपनियां भी इनका हिस्सा बन सकेंगी। देखा गया है कि बड़ी कंपनियां कॉन्ट्रेक्ट लेकर छोटी कंपनियों से काम कराती हैं, जिनका जो कुछ कड़े मानकों के चलते सीधे बोली लगाने में सक्षम नहीं होती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे घटनाओं को देखते हुए प्रोजेक्ट कंसल्टेंसी मैनेजमेंट के लिए नीति भी सरकार जल्द लाने पर विचार कर रही है, क्योंकि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में खामी के कारण कई बार हाइवे सेक्टर को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है।

एजीआर बकाया मामले में टेलिकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

देश में होने वाले कुल एक्सीडेंट में 40 फीसद राष्ट्रीय राजमार्गो पर होते हैं और इनमें गलत डीपीआर की भूमिका भी पाई गई है, क्योंकि इनके कारण सड़कों का डिजाइन मानक के अनुरूप नहीं हो पाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1.03 लाख करोड़ रुपये के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित इलेक्टिक लेन में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया है और कंपनियों को नीतिगत मोर्चे पर सहयोग का भरोसा भी दिलाया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1,320 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-जयपुर हिस्सा दिवाली से पहले पूरा हो जाएगा।

शेयर करें

मुख्य समाचार

पंचायत कार्यालय, बैंक व तृणमूल कार्यालय के सामने भारी संख्या में बम बरामद

बोलपुर (बीरभूम) : निगम चुनाव के पहले बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित सियान मुलुक ग्राम में फिर ताजा बमों की बरामदगी से इलाके में हलचल आगे पढ़ें »

माध्यमिक में दूसरे दिन भी प्रश्नपत्र वायरल

- परीक्षा हॉल में ही छात्र बना रहा था प्रश्नपत्र का टिकटॉक, रंगे हाथ पकड़ाया सन्मार्ग संवाददाता मालदह/कोलकाता : माध्यामिक की परीक्षा के द्वितीय पेपर इंगलिश के आगे पढ़ें »

ऊपर