सरकार ने विनिवेश के लिए कंपनियों की बनाई सूचि, इतनी कंपनियों का हो गया चयन

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नई दिल्ली : सरकार पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसकीआई) व कंटेनर कॉरपोरेशन (कानकॉर) की रणनीतिक बिक्री के जरिये केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कंपनियों की स्थिति की जायजा लेने की कोशिश कर रही है।  योजना के मुताबिक वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में रणनीतिक बिक्री के लिए चयनित 30 अन्य कंपनियों का भी विनिवेश होगा।

हाल ही में सीसीईए की तरफ से पांच सार्वजनिक उपक्रमों में रणनीतिक बिक्री के फैसले के बाद अब वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाला समूह (ऑल्टरनेटिव मैकेनिज्म) पूरा करेगा। समूह पीएसयू के रणनीतिक विनिवेश के समय, शेयरों की संख्या और मूल्य तय करेगा। वर्ष 2017 से यह मैकेनिज्म काम कर रहा था, लेकिन इस वर्ष इसे विनिवेश को लेकर सारे अधिकार सौंप दिए गए हैं। विनिवेश से जुड़े हर छोटे बड़े फैसलों के लिए सीसीईए की इजाजत जरूरी नहीं है। वित्त मंत्री के अलावा सड़क परिवहन मंत्री इसके सदस्य हैं और संबंधित पीएसयू के प्रशासनिक विभाग के मंत्री को इसमें बतौर आमंत्रित सदस्य रखा गया है। वहीं बीपीसीएल से जुड़े फैसले करने के लिए समूह में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को शामिल किया जाएगा।

बीपीसीएल, एससीआइ, कॉनकोर के अलावा दो अन्य कंपनियों टीएचडीसीआइएल और नीपको में भी सरकार रणनीतिक बिक्री कर रही है। आर्थिक सुस्ती के दौर में इन पांच कंपनियों की बिक्री से चालू वित्त वर्ष के लिए तय 1.05 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।  ये पांचों कंपनियां नीति आयोग की तरफ से तैयार उन 35 कंपनियों की सूची में शामिल हैं जिनकी रणनीतिक बिक्री की जानी है। इस सूची में पवनहंस, एयर इंडिया, ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, बीईएमएल, स्कूटर इंडिया, भारत पंप कंप्रेसर्स तथा सेल की भद्रावती, सालेम और दुर्गापुर इकाइयां शामिल हैं।

एयर इंडिया में भी सरकारी इक्विटी की रणनीतिक बिक्री की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। बीपीसीएल, एससीआइ जैसे लाभ अर्जित करने वाले उपक्रमों को रणनीतिक बिक्री के लिए आगे किया गया है, जिससे विनिवेश का माहौल बनेगा। सरकार पहले ही हिंदुस्तान फ्लूरोकार्बन, हिन्दुस्तान न्यूजप्रिंट, एचएलएल लाइफ केयर और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे पीएसयू के रणनीतिक विनिवेश को भी मंजूरी दे चुकी है।

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