सरकार ने पायलट बनने के नियम किए आसान

नयी दिल्लीः सरकार ने पायलट लाइसेंस हासिल करने के नियम आसान कर दिये हैं। देश में कमर्शियल पायलटों की कमी को देखते हुये ऐसा किया गया है। पायलट लाइसेंस के लिए उड़ान-अनुभव की शर्तों में ढील देते हुये नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अब उन पायलटों को भी लाइसेंस देने का फैसला किया है जिनका पिछले पांच साल में उड़ान भरने का कोई अनुभव न रहा हो। पहले आवेदन करने की तिथि से पिछले पांच साल में कम से कम 200 घंटे की उड़ान का अनुभव अनिवार्य था।

क्या है कारणः पिछले चार साल में देश में हवाई यात्रियों की संख्या 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी है। विमान सेवा कंपनियों ने इसे ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में विमानों के ऑर्डर दिये  हैं। इनके लिए प्रशिक्षत मानव संसाधन की कमी एक बड़ी चुनौती है। इसी के मद्देनजर सरकार ने पायलट लाइसेंस हासिल करने के नियम आसान किये हैं।

‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ में संशोधनः एक अधिसूचना जारी कर मंत्रालय ने ‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ में संशोधन ‌किया है। इससे अब प्रशिक्षण और उड़ान अनुभव हासिल करने के कितने भी समय बाद पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। करियर के बीच में अंतराल आने से भी दुबारा लाइसेंस हासिल करने में पायलट को कोई परेशानी नहीं होगी। इसके लिए प्रावधान किया गया है।

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