समृद्ध लोगों पर आयकर वृद्धि राष्ट्र निर्माण में छोटा योगदान: वित्तमंत्री

नई दिल्ली : आम बजट 2019-20 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अति समृद्ध लोगों पर आयकर सरचार्ज में वृद्धि राष्ट्र निर्माण में छोटा योगदान है। वित्तमंत्री ने अमीर लोगों की आय पर सरचार्ज में वृद्धि पर पुनर्विचार की बहस को खारिज करते हुए कहा कि उनके बजट में आर्थिक विकास को उतना ही तवज्जो दिया गया है, जितना राष्ट्र की सुरक्षा को।

उन्होंने कहा कि सबको राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की जरूरत है। बजट में उच्च आय वाले व्यक्तियों (एचएनआई) पर सरचार्ज बढ़ाकर 39 फीसदी से लेकर 42. 7 फीसदी तक किए जाने की घोषणा के बाद पिछले दो दिनों में शेयर बाजार में भारी गिरावट आने से निवेशकों का 3. 5 लाख करोड़ रुपये की रकम डूब गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स बुधवार को भी 174. 7 अंक नीचे बंद हुआ।

वित्त मंत्रालय के विश्लेषण में बताया गया कि बजट में एचएनआई पर सरचार्ज की ऊंची दरों से ट्रस्ट संरचना के जरिए आने वाले 40 फीसदी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) पर असर पड़ेगा। एफपीआई इस ऊंची कर दर के अंतर्गत आ जाते हैं, क्योंकि वे एसोसिएशन ऑफ र्पसस (एओपी) या ट्रस्ट जैसी नॉन-कॉरपोरेट संस्था के रूप में निवेश करते हैं जो आयकर कानून में व्यक्ति के रूप में वर्गीकृत हैं। इस पर सीबीडीटी के चेयरमैन पीसी मूडी ने कहा कि इस अतिरिक्त सरचार्ज से बचने के लिए एफपीआई और एआईएफ (अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड) को कॉरपोरेट की संरचना में बदला जा सकता है।

वित्त मंत्रालय का मानना है कि भारत में कर की सर्वाधिक दर अभी भी अमेरिका और चीन समेत कई देशों से कम है। दुनियाभर में ज्यादा अमीर लोगों को अतिरिक्त कर चुकाने के लिए कहा जाता है। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि चीन और दक्षिण अफ्रीका में कर की सबसे ऊंची दर 45 फीसदी है और अमेरिका में यह 50. 3 फीसदी है।

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