सबसे बड़ा आर्थिक पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये

20 लाख करोड़/130 करोड़ भारतीय = 15384 रुपये
नयी दिल्ली :   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास के सबसे बड़े 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मकसद हासिल करने के लिए देशवासियों को ‘स्वदेशी’ अपनाना होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से चरण दर चरण तरीके से पैकेज का विस्तृत ब्योरा देश के सामने रखेंगी। 20 लाख करोड़ का यह आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 10 फीसदी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नयी गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड (जमीन), लेबर (श्रम), लिक्विडिटी (तरलता) और लॉज (नियम-कानून) सभी पर बल दिया गया है।मोदी ने कहा कि आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं। आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए, उस किसान के लिए है, जो हर स्थिति और हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है। यह पैकेज देश के मध्यमवर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है। यह भारत के उद्योगपतियों के लिए जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। गरीब, श्रमिक, प्रवासी मजदूर हों, मछुआरे हों, हर तबके लिए आर्थिक पैकेज में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा। भारत 5वां देश : भारत पांचवां ऐसा देश है, जिसने अपनी जीडीपी का 10% या उससे ज्यादा हिस्सा आर्थिक पैकेज के तौर पर दिया है। भारत से पहले जापान अपनी जीडीपी का 21%, अमेरिका 13%, स्वीडन 12% और जर्मनी 10.7% के बराबर का आर्थिक पैकेज घोषित कर चुके हैं।

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