विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक बना भारत

जापान को छोड़ा पीछे
नयी दिल्लीः भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन गया है। जापान को पीछे छोड़कर उसने यह स्थान प्राप्त किया है। विश्व इस्पात संघ (डब्ल्यूएसए) के अनुसार इस्पात उत्पादन में चीन पहले स्थान पर है। कुल वैश्विक इस्पात उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत है। डब्ल्यूएसए की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2018 में चीन का कच्चे इस्पात का उत्पादन 6.6 प्रतिशत बढ़कर 92.83 करोड़ टन रहा। 2017 में यह 87.09 करोड़ टन था। वैश्विक इस्पात उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी 50.3 प्रतिशत से बढ़कर 51.3 प्रतिशत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2018 में वैश्विक इस्पात उत्पादन 4.6 प्रतिशत बढ़कर 180.86 करोड़ टन रहा, जो 2017 में 172.98 करोड़ टन था।
भारत की स्थित‌ि
भारत का कच्चे इस्पात का उत्पादन 2018 में 4.9 प्रतिशत बढ़कर 10.65 करोड़ टन रहा, जो 2017 में 10.15 करोड़ टन था। जापान का उत्पादन इस दौरान 0.3 प्रतिशत घटकर 10.43 करोड़ टन रह गया। इस तरह भारत ने इस्पात उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ दिया।
शीर्ष दस देशों की स्थित‌ि
शीर्ष दस इस्पात उत्पादक देशों में अमेरिका 8.67 करोड़ टन के उत्पादन के साथ चौथे, दक्षिण कोरिया (7.25 करोड़ टन के साथ पांचवें), रूस (7.17 करोड़ टन के साथ छठे), जर्मनी (4.24 करोड़ टन के साथ सातवें), तुर्की (3.73 करोड़ टन के साथ आठवें), ब्राजील (3.47 करोड़ टन के साथ नौवें) और ईरान (2.5 करोड़ टन के साथ दसवें) नंबर पर है।
अन्य देशों में इटली ने गत वर्ष 2.45 करोड़ टन, फ्रांस ने 1.54 करोड़ टन और स्पेन ने 1.43 करोड़ टन उत्पादन किया।

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