रेलवे स्टेशनों पर अब मिलेगी एयरपोर्ट जैसी सुविधा, यात्रा होगी महंगी

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे 50 स्टेशनों को फिर से डेवलप कर रहा है और रेलवे इन स्टेशनों पर उपलब्ध जनसुविधाओं के लिए हवाई अड्डों की तरह शुल्क वसूलेगा। हवाई यात्रा के दौरान जनसुविधा विकास शुल्क (यूडीएफ) टैक्स का हिस्सा होता है, जिसका भुगतान हवाई यात्री करते हैं।

यूडीएफ विभिन्न हवाई अड्डों पर वसूला जाता है और इसकी दरें अलग-अलग होती हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि नए विकसित रेलवे स्टेशनों पर शुल्क वहां आने वाले यात्रियों की संख्या के आधार पर अलग-अलग होगा और मंत्रालय जल्द ही शुल्क के रूप में वसूली जाने वाली रकम से जुड़ी अधिसूचना जारी करेगा। 1,296 करोड़ रुपये की अुनमानित लागत से अमृतसर, नागपुर, ग्वालियर और साबरमती रेलवे स्टेशनों को रीडेवलप करने के लिए रेलवे ने प्रस्ताव मंगाए हैं।

कोरोना वायरस के कारण बढ़ा सोने चांदी में निवेश

भारतीय रेलवे स्टेशन पुनर्विकास निगम लिमिटेड के जरिये सरकार 2020-2021 में पूरे देश में 50 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी करेगी, साथ ही इसपर 50,000 करोड़ रुपये का निवेश भी प्रस्तावित है। यूडीएफ हवाई अड्डा ऑपरेटरों की ओर से लिए जा रहे शुल्क के जैसे ही होंगे और इससे स्टेशनों के अपग्रेड करने के लिए रकम की व्यवस्था होगी। सुविधा शुल्क की वजह से किराए में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन इससे यात्रियों को विश्व स्तरीय स्टेशनों की सुविधाएं मिलेंगी।

सरकार जल्द लाएगी कीटनाशक नीति, ख़राब क्वालिटी पर होगी जेल और जुर्माना

सरकार ने पहले कार्यकाल में 400 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करने की घोषणा की थी और इसके तहत स्टेशनों के विकास पर खर्च होने वाला धन स्टेशन के आसपास की जमीन को विकसित कर एकत्र किया जाएगा। सरकार जल्द से जल्द इस पर क्रियान्वयन करना चाहती है और स्टेशनों का विकास करना चाहती है।

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