यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने देशभर में मजबूती के लिए नए संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की

नई दिल्ली :  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के समायोजन के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का दायरा बढ़कर 9500 से ज्यादा शाखाओं और 13,500 से ज्यादा एटीएम के अखिल-भारतीय नेटवर्क तक हो गया है। समायोजन के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अब भारत का पांचवां सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक और चौथा सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क बन गया है, जिसकी देश के हर राज्य में कम से कम एक शाखा है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने नए संयुक्त संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की है, जिसमें 18 क्षेत्रीय कार्यालय और 125 क्षेत्रीय कार्यालय शामिल रहेंगे। सभी भौगोलिक क्षेत्रों में अपनी पैठ बढ़ाने की रणनीतिक दृष्टि से 4 नए आंचलिक कार्यालय चंडीगढ़, जयपुर, मैंगलोर और विशाखापत्तनम में स्थापित किए गए हैं। बैंक की योजना दक्षिण भारत में दो नए जोनल कार्यालय खोल कर अपनी उच्च बाजार हिस्सेदारी को मजबूत करने की है। इसके अलावा, शिमला, अमृतसर, बरेली, मऊ, आदि जगहों पर 32 नए क्षेत्रीय कार्यालय खोले जा रहे हैं। मजबूत अखिल भारतीय उपस्थिति के साथ बैंक के क्षेत्रीय और आंचलिक कार्यालयों को ग्रोथ इंजन के रूप में उभरने की कल्पना की गई है।

बैंक के 100 साल के इतिहास में इस ऐतिहासिक अवसर पर बैंक ने वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया और इस मौके पर बैंक के एमडी और सीईओ राजकिरण राय ने कहा कि इस समायोजन से बैंक का विकास, पुनर्गठन से आगे के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है। साथ ही हम एक मजबूत भविष्य, व्यापारिक वृद्धि और ग्राहक सेवा पर फोकस करना चाहते हैं ।

राय ने आधिकारिक यूनियन बैंक ‘रीजनल हेड्स बुकलेट’ लॉन्च की, जो क्षेत्रीय प्रमुखों की सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को व्यापक रूप से कवर करते हुए वन-स्टॉप मैनुअल का काम करेगा। यह बुकलेट ग्राहकों या कर्मचारियों के सामने आने वाले व्यवधानों को कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नया संगठनात्कम ढांचा बैंक के व्यवसाय विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम करेगी। राष्ट्र को सर्वोत्तम श्रेणी के उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेगी और सेवा प्रदान करने की अपनी विरासत को जारी रखेगा।

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