यह नया प्रोडक्ट करेगा कारों के हवा को 2 मिनट में शुद्ध

नई दिल्ली : स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, एम्स, आईआईटी और सिंगापुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एयरलेंस कार एयर सैनिटाइजर नामक एक प्रोडक्ट बनाया है, जो एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह प्रोडक्ट डब्ल्यूएचओ मानक के अनुसार 2 मिनट में कारों की वायु को शुद्ध करता है। दिल्ली में बढ़े हुए प्रदूषण के कारण स्थिति गंभीर है।

लोग अपने घरों और कार्यालयों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करते हैं और अब तक कार में मौजूद हवा को साफ करने के लिए कोई प्रोडक्ट नहीं था। इस प्रोडक्ट के जरिए आप एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हुए अपनी कार में भी शुद्ध हवा में साँस ले पाएंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, एम्स, आईआईटी और सिंगापुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, इंजीनियरों और डिजाइनरों की एक टीम द्वारा संचालित पर्सपियन इनोवेशन कंपनी ने एयरलैंड्स कार एयर सेनिटाइज़र पेश किया है, जो 2 मिनट में कारों में मौजूद हवा को साफ करने के लिए बनाई गई, एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित एक नई तकनीक है।

पर्सपियन इनोवेशन के निदेशक डॉ शशि रंजन का कहना है कि एयरल्स एक उत्पाद नहीं है, लेकिन यह एक फिलॉसफी है, जिसका उद्देश्य हवा को शुद्ध और स्वस्थ बनाना है। यह एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें हवा से सभी प्रदूषकों को हटाने की खूबी है, लेकिन पारंपरिक फिल्टर के विपरीत यह एयरफ्लो को अवरुद्ध नहीं करता है और हवा को मूल रूप से प्रवाहित होने देता है। यह आपको पराग, रोगाणु, जीवाणु, पीएम 2.5 आदि से भी बचाता है।

इस उत्पाद की आवश्यकता के बारे में डॉ शशि ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के हालिया अध्ययन के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर 23 सेकंड में 1 जीवन खो जाता है। हम हर दिन 12000 लीटर हवा का सेवन / सांस लेते हैं और अगर इसे साफ नहीं किया जाता है तो यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है। वायु प्रदूषण खासकर बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म इफेक्ट्स जैसे दिल की बीमारी, फेफड़े के कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर, स्ट्रोक, मतली, सिरदर्द आदि की ओर जाता है।

जब कोई कार के अंदर बैठता है, तो प्रदूषण से सुरक्षित महसूस करता है। एयर कंडीशनर चालू होता है तो कार के अंदर हवा बाहर की तुलना में खराब होती है। ऐसे में कार के एसी सिस्टम के अंदर ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो पीएम 2.5, पीएम 10 और हवा से अन्य प्रदूषकों को फिल्टर करती है। बाहर की प्रदूषित हवा अंदर आती रहती है और घूमती रहती है, क्योंकि इन प्रदूषकों के खिलाफ कोई शुद्धि तंत्र नहीं है।

कार हमेशा सड़कों पर चलती है, जहां ट्रैफिक जाम के कारण अत्यधिक प्रदुषण होता हैं। इस समस्या को हल करने के लिए एयरलेंस कार एयर सेनिटाइजर को भारतीय वैज्ञानिकों ने भारतीय परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन किया है। यह 2 मिनट से भी कम समय में डब्ल्यूएचओ मानक के अनुसार कार के अंदर की हवा को शुद्ध करता है। तकनीकी रूप से एयरलेंस किसी भी कार में आसानी से लगाया जा सकता है। यह कार एसी वेंटिलेशन सिस्टम से जुड़ा होता है और कार के डैशबोर्ड या बोनट में लगाया जा सकता है

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