माफी योजना से छोटे करदाताओं को मिलेगी राहत: आईसीसीआई

नई दिल्ली : इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का मानना है कि सरकार द्वारा एक सितंबर से शुरु होने वाली माफी योजना से विवादित मामले को निपटारा में सहायता मिलेगी और छोटे करदाता राहत की सांस लेंगे।

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नेशनल जेनरल सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि सरकार ने बजट में सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के पुराने विरासती मामलों को कम करने और विवाद निपटान और माफी योजना पर 1 सिंतबर से अमल में आ जाएगा, जिससे छोटे करदाता को काफी राहत मिलने की आशा है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणा में सबका विश्वास विरासत विवाद निपटान योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके तहत सभी श्रेणी के मामलों में अनुपात अनुसार कर राहत मिलेगी और ब्याज एवं जुर्माने की पूरी छूट उपलब्ध होगी।

गौरतलब है कि सरकार के आंकड़ों के अनुसार सेवा कर और उत्पाद शुल्क से जुड़े पुराने मुकदमों में 3.75 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व फंसा है, जिसका सरकार निपटारा करना चाहती है। इसके निपटारे के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी। खास बात यह है कि यह योजना 31 दिसंबर 2019 तक लागू रहेगी, जिससे कई छोटे करदाताओं को राहत मिलेगी।

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