महिलाओं की लिपस्टिक बताती है देश की ये अहम बातें

नई दिल्ली : लिपस्टिक वैसे तो महिलाओं का ब्यूटी प्रोडक्ट है, लेकिन यह किसी देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी बताते हैं। जीहां लिपस्टिक एक इंडेक्स है जिससे देश की आर्थिक मंदी का पता लगाया जाता है।

क्या है लिपस्टिक इंडेक्स
पिछले एक दशक में प्रसिद्ध हुए सूचकांकों में से एक लिपस्टिक इंडेक्स है, जिसकी मदद से आर्थिक मंदी का पता लगाया जाता है। कुछ रिसर्च के मुताबिक आर्थिक हालात बेहतर होने पर महिलाएं ज्यादा कपड़े खरीदती हैं, जबकि इसकी तुलना में मंदी में महिलाएं लिपस्टिक ज्यादा खरीदती हैं। किसी अर्थव्यवस्था में लिपस्टिक की बिक्री के माध्यम से लंबे समय की मंदी का अनुमान लगाया जा सकता है।

मुश्किल हालातों में महिलाएं ज्यादा आकर्षक दिखने के लिए लिपस्टिक पर अधिक पैसे खर्च करने लगती हैं। यह देखा गया है कि ऐसे वक्त में महिलाओं की दिलचस्पी कपड़े, जूते, पर्स आदि से घट जाती है। मंदी में हर प्रोडक्ट की सेल घटती है, वहीं लिपस्टिक की सेल बढ़ने लगती है।

1990 में बना था लिपस्टिक इंडेक्स
महिलाओं के इस व्यवहार को देखते हुए 1990 के दशक में एसटी लाउडर के चेयरमैन लियोनार्ड लाउडर ने एक इंडेक्स बनाया था, जो ऐसी स्थिति में इकोनॉमिक हेल्थ के इंडिकेटर की तरह काम करता है।

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