भारतीय वित्तीय बाजार को बजट से ये हैं उम्मीदें

नई दिल्ली : सिंगापुर की बैंकिंग ग्रुप डीबीएस की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय वित्तीय बाजार को अगले महीने पेश होने वाले बजट से उम्मीद है कि पारदर्शिता में सुधार होगा। इस रिपोर्ट द्वारा जारी किए गए ‘ इंडिया बजट प्रीव्यू : लूजिंग दी पर्स’ के मुताबिक राजकोषीय घाटे में किसी तरह की कमी निकट भविष्य में निगेटिव क्रेडिट प्रतिक्रिया जैसे परिणाम दे सकता है।

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रिपोर्ट के मुताबिक वित्तै वर्ष 2020 के शुरुआती 8 महीने में कमजोर राजस्व की वजह से राजकोषीय घाटा लक्ष्य से 15 प्रतिशत ऊपर था। खर्च बजट के रुझानों के मुताबिक फिस्कल इयर-टु-डेट डेफिसिट का बढ़ना पिछले रुझानों से अलग नहीं है। अर्थशास्त्री राधिका राव का कहना है कि साल के तीन-चौथाई हिस्से- में स्थिति बिगड़ जाती है जो अंतिम तिमाही में कुछ सुधरती है क्यों कि खर्च कम किया जाता है और सामयिक राजस्वत का प्रवाह बढ़ना शुरू हो जाता है।

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सकल कर राजस्वध में सालाना आधार पर 0.8 फीसद की बढ़ोत्त्री दर्ज की गई है जो पिछले दो महीने के 1.2 फीसद और 1.5 फीसद की तुलना में कम है। राव के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिया जाने वाला लाभांश, अदालत के आदेश के बाद टेलीकॉम कंपनियों द्वारा आंशिक भुगतान और विनिवेश से होने वाली प्राप्तियां शामिल हैं।

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