भारतीयों से जुड़े आंकड़ों को देश में ही रखा जाए : पेटीएम संस्‍थापक

नयी दिल्ली : भारत के लोगों से संबंधित डेटा ( डिजिटल सूचनाएं) को कड़ाई के साथ देश में ही रखा जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं के बारे में सूचनाएं अच्छी तरह सुरक्षित रहें। यह बात गुरुवार को पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कही है।
आंकड़ों को स्‍थानीय स्तर पर रखे जाने की जरूरत
पेटीएम पहले भी इस पर जोर दे चुकी है कि वित्तीय लेनदेन समेत संवेदनशील आंकड़ों को स्थानीय स्तर पर ही संग्रहित करके रखे जाने की जरूरत है। शर्मा ने ‘टीआईई इंडिया इंटरनेट डे 2019’ सम्मेलन में चर्चा के दौरान कहा, ”यदि कोई सूचनाएं चाहता भी है तो उसे प्रतिदर्श (नमूने) की तरह लेना चाहिए। ” साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों का तर्क है कि बेहतर उत्पाद विकास के लिए आंकड़ों को अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में रखे जाने की जरूरत है। उन्हें भारत में ही ऐसा करने पर गौर करना चाहिए।
यहां पर्यात विकास केंद्र मौजूद हैं
उन्होंने कहा, ”जब हमारे यहां पर्यात विकास केंद्र मौजूद हैं तो आंकड़ों को देश से बाहर रखने के बाजाय सॉफ्टवेयर को क्यों नहीं दुनिया के इस हिस्से में लाया जाए। इसलिए यहां कोड लाने और उसे चलाने के बारे में सोचना चाहिए।” शर्मा ने जोर दिया कि भारत में विशाल प्रतिभा मौजूद है जो इस मांग को पूरा कर सकती है।

बता दें ‌कि डेटा संप्रभुता एक अहम मुद्दा है, जिस पर भारत सरकार विचार कर रही है। न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण समिति की सिफारिश पर आधारित डेटा सुरक्षा विधेयक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा।

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