बैंक के दिवालिया होने पर अब बीमा कवर राशि होगी पांच लाख रुपये

नई दिल्ली : बजट में सरकार ने बैंकों में जमा राशि पर बीमा कवर अब एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम बैंकिग प्रणाली के प्रति लोगों में भरोसा मजबूत करने के लिए किया है और इससे बैंक जमाओं में वृद्धि हो सकती है।

दरअसल सितंबर, 2019 में आरबीआई ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया है। पीएमसी प्रमुख कॉपरेटिव बैंक है, जिसमें 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा थी। आरबीआई ने बैंक के लिए प्रबंधक की नियुक्ति की और इसके निदेशक मंडल को अलग कर दिया गया , यह बैंक के हजारों जमाकर्ताओं के लिए बड़ा झटका था।

वीवो ने लॉन्च किया वीवो एस1 प्रो, जानिए कीमत

ऐसे में आरबीआइ की सहयोगी डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ने बैंक में एक लाख रुपये का बीमा कवर बैंकों में जमा कराया और बजट में सरकार ने ऐलान किया कि बैंक अब डीआइसीजीसी के माध्यम से प्रति उपभोक्ता जमा पर पांच लाख रुपये भुगतान तक की गारंटी लेंगे। कॉरपोरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास मार्च, 2019 तक 87,995 करोड़ रुपये का सरप्लस फंड था। रिपोर्ट के अनुसार 2018-19 में 152 करोड़ का दावा किया गया और उससे पिछले वर्ष में 183 करोड़ रुपये का।

सरकार जल्द लाएगी लॉजिस्टिक्स नीति

सरकार ने सुनिश्चित किया है कि बैंक डूब जाता है तो कॉरपोरेशन से जमाकर्ता को पांच लाख रुपये प्राप्त होंगे। हालांकि जमाकर्ता के खाते में पांच लाख रुपये से ज्यादा राशि बैंक में है तो बैंक के डूबने पर चाहे जमा राशि 25 लाख रुपये हो या फिर पांच करोड़, बैंक के डूबने पर जमाकर्ता को केवल पांच लाख रुपये ही मिलेंगे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सोनम वांगचुक के चीनी उत्पादों के बहिष्कार अभियान को व्यापारियों का मिला समर्थन

नई दिल्ली : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा है कि देश के सात करोड़ व्यापारी लद्दाख के शैक्षिक सुधारक सोनम वांगचुक के आगे पढ़ें »

पूर्व पाक कप्तान हनीफ का दावा, 1983 में हॉकी टीम के सदस्‍य तस्‍करी में लिप्‍त थे 

कराची : पाकिस्तान के पूर्व हॉकी कप्तान हनीफ खान ने आरोप लगाया कि 1983 में हांगकांग से वापस आते समय उनकी टीम के कुछ खिलाड़ियों आगे पढ़ें »

ऊपर