प्राइवेट अस्पतालों का सरकार पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए बकाया जल्द पूरा करे सरकार : सीके मिश्रा

नई दिल्ली : कोरोना वायरस का प्रसार लगतार बढ़ता जा रहा है, वहीं हेल्थसेक्टर तमाम असुविधाएं झेल रहा है। कोरोना के इलाज को लेकर मेडिकल उत्पादों की कमी है। इसी बीच कोविड -19 इम्पावर्ड ग्रुप के चेयरमैन सीके मिश्रा ने कोरोना से लड़ाई में निजी अस्पतालों के भारी बकाये का भुगतान नहीं होने पर चिंता जताई है।

मिश्रा ने वित्त मंत्रालय अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग के सचिव टीवी सोमनाथन को कहा है कि प्राइवेट अस्पतालों के पैसों का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस ), एक्स-सर्विसमैन कंटरीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस), कर्मचारी राज्य बीमा (इएसआई) के लाभार्थी मरीजों का उपचार करने वाले प्राइवेट अस्पतालों के बकाये का भुगतान तुरंत किया जाए। उन्होंने ये मांग पत्र के जरिये सोमनाथन से की है, पिछले हफ्ते निजी अस्पतालों के साथ हुई बैठक बाद उन्होंने सोम्नाथान से यह मांग किया।

दरअसल सीजीएचएस, इएसआई और इसीएचएस रोगियों का इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों का सरकार पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए बकाया है और देशभर में इस तरह के छोटे-बड़े करीब एक हजार प्राइवेट अस्पताल हैं जहां 50,000 बेड की क्षमता है। करीब डेढ़ साल से बकाया पैसा न मिलने से ये अस्पताल सीजीएचएस, ईसीएचएस व इएसआई से जुड़े रोगियों का ईलाज करने से कतराते हैं।

उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के बकाये में सीजीएचएस, ईसीएचएस और राज्य सरकारों का काफी हिस्सा है और यह रकम काफी बड़ी है। ऐसे में संबंधित मंत्रालय से तालमेल स्थापित करके इन अस्पतालों के अधिकांश बकाये का भुगतान अगले 3-4 दिन में किया जाए, क्योंकि कोरोना के इलाज के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिए और यह काफी अहम् है।

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