पेट्रोल – डीजल के कीमतों में आई गिरावट

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कच्चे तेल के दाम में मौजूदा गिरावट से काफी राहत मिली है। पिछले एक महीने में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई, जैसा की दर था। वैश्विक मंदी के कारण मांग पहले ही कमजोर थी और अब चीन में वायरस फैलने की डर इसमें और गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। इस वजह से गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तीन फीसद की गिरावट देखी गई।

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आपको बता दें कि इस महीने कच्चे तेल की कीमतों में नौ फीसद की गिरावट आ चुकी है और पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतों में आगे भी राहत मिलने के आसार हैं। पिछले वर्ष नवंबर में भारतीय तेल कंपनियों ने औसतन 62.54 डॉलर प्रति बैरल की दर से कच्चा तेल खरीदा था। दिसंबर में इसकी औसत कीमत 65.52 डॉलर प्रति बैरल की थी। आंकड़ों के मुताबिक कीमत 64.31 डॉलर प्रति बैरल रही है। इस महीने कीमत और नीचे आएगी।

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इस महीने 11 जनवरी के बाद से दिल्ली में पेट्रोल की खुदरा कीमत 1.36 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 1.31 रुपये प्रति लीटर कम हुई है। खुदरा कीमत में अभी और गिरावट होगी। वैश्विक मांग घटने से भी भारत को फायदा होगा। ईरान-अमेरिका तनाव की वजह से जो हालात पैदा हुए थे वे क्षणिक साबित हुए हैं और अभी पूरी तरह से तेल खरीद करने वाले देशों के लिए उपयुक्त बाजार है। कच्चे तेल के उत्पादक और निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष के अंत तक मांग के मुताबिक क्रूड का उत्पादन 10 लाख बैरल प्रति दिन का हो रहा था।

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