पूर्व पीएम और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के समय में ‘सबसे बुरे दौर में’ थी अर्थव्यवस्था: वित्तमंत्री

Nirmala Sitharaman

नई दिल्ली : भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हालत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के समय में ‘सबसे बुरे दौर में’ थी। ये बातें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में मंगलवार को एक लेक्चर में कही। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ‘जीवन रेखा’ देना उनका पहला काम है।

भारत में पहली बार आयोजित होगा वर्ल्ड कॉफी कांग्रेस और एक्सपो का आयोजन

उन्होंने कहा कि मैं रघुराम राजन का सम्मान करती हूं, वे अर्थशास्त्र के अच्छे जानकार रहे हैं, यही वजह है कि उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के ख़राब हालत के दौरान केन्द्रीय बैंक के लिए चुना गया था।ब्राउन विश्वविद्यालय में हाल ही में रघुराम राजन द्वारा दिए गए एक बयान के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि राजन के आरबीआई गवर्नर रहने के दौरान बैंक का कर्ज सबसे ज्यादा था और अपने पहले कार्यकाल में नरेंद्र मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था पर बेहतर काम नहीं किया था, सरकार के पास अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए कोई विजन नहीं था।

गले साल अच्छी रहेगी अर्थव्यवस्था : आईएमएफ रिपोर्ट

वित्त मंत्री ने कहा कि राजन के गवर्नर रहने के दौरान कि भारत में नेताओं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक फोन कॉल के आधार पर कर्ज दे दिए जाते थे, जिसकी वजह से सरकार आज तक उससे बाहर नहीं निकल पाई है। सच यह है कि दोनों के समय में पब्लिक सेक्टर बैंकों की हालत सबसे खराब रही थी। हालांकि राजन ने परिसंपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा की, लेकिन लोगों को पता होना चाहिए कि आज बैंकों को क्या फायदा होता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

वेस्टइंडीज जीत के करीब, इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 313 रन बनाए

साउथैम्पटन : इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में वेस्टइंडीज जीत की ओर है। मैच के पांचवें दिन टी ब्रेक तक मेहमान टीम ने 4 विकेट के आगे पढ़ें »

पगबाधा का फैसला सिर्फ और सिर्फ डीआरएस से हो : तेंदुलकर

नयी दिल्ली : महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अंपायरों के फैसलों की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को ‘अंपायर्स कॉल’ को हटाने आगे पढ़ें »

ऊपर