पावर फाइनेंस कारपोरेश ने किया आरईसी का अधिग्रहण

सरकार को दिये 14,500 करोड़ रुपये
नयी दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कारपोरेशन (पीएफसी) ने आरईसी लि. में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। इस अधिग्रहण के लिये कंपनी ने सरकार को 14,500 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी है। सरकार को इस सौदे से चालू वित्त वर्ष में 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिली है।
अधिकारी ने कहा, ‘सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने के एवज में पीएफसी ने आरटीजीएस (रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) के जरिये सरकार को भुगतान कर दिया। पीएफसी चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा ने अधिग्रहण पूरा करने के लिये आरटीजीएस रसीद बिजली सचिव एके भल्ला को सौंपी।’ पीएफसी ने इस भुगतान के लिये बैंक आफ बड़ौदा, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय स्टेट बैंक तथा अन्य से यह राशि जुटायी है। 20 मार्च को पीएफसी ने आरईसी लि. के 10-10 रुपये अंकित मूल्य के 103.94 करोड़ इक्विटी शेयर के अधिग्रहण के लिये शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। पीएफसी और आरईसी दोनों केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी हैं। इनका संयुक्त रूप से सालाना राजस्व करीब 50,000 करोड़ रुपये है। इस अधिग्रहण का मकसद एक ही क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को मजबूत बनाना है। पीएफसी ने आरईसी का शेयर 139.50 रुपये के भाव पर खरीदा है।

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