पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए बैंकों ने किया विचार-मंथन

नयी दिल्लीः अगले पांच साल में देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद के लिए बैंकिंग क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर भारतीय स्टेट बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों ने विचार-मंथन का पहला दौर रविवार को पूरा किया।

क्या है मामलाः बैंकों ने बैंकिंग क्षेत्र की आगे की वृद्धि की राह तैयार करने के लिए वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देश पर शाखा स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सुझाव एवं विचार जुटाने के लिए एक महीने का अभियान शुरु किया है। नरम पड़ती अर्थव्यवस्था को नयी ऊष्मा प्रदान करने का लक्ष्य लेकर यह कदम उठाया गया है। इस कार्य में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका काफी अहम है।

क्या मिले सुझावः स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक पीके गुप्ता ने कहा कि पिछले दो दिन में इन बैठकों में 15,000 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बहुत से सुझाव मिले हैं। इनमें प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना, नये उत्पाद पेश करना और बैंकों को ग्राहकों के अधिक अनुकूल बनाने जैसे सुझाव शामिल हैं।’ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया , पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, आंध्रा बैंक, सिंडिकेट बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बड़े बैंकों ने देशभर में इस अभियान के तहत बैठकों का आयोजन किया। इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा कि बैंकों को ग्राहक केंद्रित बनाने के साथ वरिष्ठ नागरिकों, किसानों, छोटे उद्योगों, उद्यमियों, युवाओं, छात्रों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिये जाने से जुड़े सुझाव मिले हैं।

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