पांच सालों में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बना भारत : श्रृंगला

नई दिल्ली : भारत सरकार का लक्ष्य देश को आने वाले सालों में पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी बनाने का है। ये बात अमेरिका में भारत के राजदूत हर्ष वर्धन श्रृंगला ने सेंट्रल पेन्सिलवेनिया के एशियाई-भारतीय अमेरिकियों के सालाना कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि भारत को 2,000 अरब डॉलर की इकॉनोमी से 3,000 अरब डॉलर की इकोनॉमी बनने में सिर्फ पांच साल लगे हैं। जब साल 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने उस समय भारत दुनिया में 11वीं बड़ी इकोनॉमी था और पांच साल में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है।

श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक स्थिरता के कारण ही यह हो सका है कि केवल पांच सालों (2014-19) में ही भारत 2,000 से 3,000 अरब डॉलर की इकोनॉमी तक पहुंच गया। भारत के प्रधानमंत्री साल 2024 तक देश को 5,000 अरब डॉलर की इकॉनोमी बनाना चाहते हैं। अगले पांच सालों में इकॉनोमी में 2,000 अरब डॉलर का इजाफा करने का लक्ष्य रखा गया है। जल्द ही भारत के पास वर्ल्ड की सबसे प्रोडक्टिव वर्कफोर्स होगी और भारत दुनिया का ऐसा तीसरा देश है, जिसने मंगल ग्रह पर अपना उपग्रह भेजा है। इस मिशन में कार्यरत वैज्ञानिकों की औसत आयु 29 साल थी। भारत का दुनिया के देशों के साथ मजबूत संबंध हैं और भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिये हाथ बढ़ाया है।

श्रृंगला ने यहां कहा कि बीते 10 से 15 सालों में संबंध बहु-आयामी और व्यापक हुए हैं। अमेरिका आज भारत का केवल सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार ही नहीं है, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच बेहतर रिश्ते भी बने हैं। इसके पीछे भारतीय-अमेरिकियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

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