नौकरी जाने पर कर्मचारियों को रिस्किल्ड करेगी सरकार

प्रियंका तिवारी, नई दिल्ली

सरकार नौकरी जाने वाले कर्मचारियों को रिस्किल्ड करेगी, इसके लिए वर्कर्स रिस्किलिंग फंड बनाया जाएगा। इस फंड से 15 दिनों के वेतन के बराबर की राशि कर्मचारियों को कौशल विकास (स्किलिंग) के नाम पर दी जाएगी। छंटनी होने पर कर्मचारियों को मुआवजों के अलावा राशि दी जाएगी।

दरअसल इस साल अप्रैल के आखिरी सप्ताह में संसद की स्थायी समिति ने इंडस्ट्रीयल रिलेशन कोड रिपोर्ट संसद को सौंपी है, इंडस्ट्रीयल रिलेशन कोड के क्लॉज 83 में इसका प्रावधान किया गया है। कोरोना संकट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज की घोषणा के दौरान श्रम संहिता में बदलाव की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक श्रम कानून में बदलाव के लिए चार कोड बनाए जा रहे हैं, इनमें से एक कोड को अंतिम रूप दिया जा चुका है, जबकि तीन कोड को जल्द ही अंतिम रूप दिया जायेगा। स्थायी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक छंटनी के शिकार कर्मचारियों के लिए रिस्किल्ड फंड में सभी औद्योगिक इकाइयां अपना योगदान देंगी, वहीं मंत्रालय के पक्ष के मुताबिक हटाए गए कर्मचारियों को रिस्किल्ड फंड से 45 दिनों के भीतर राशि दे दी जाएगी।

वहीं अगर कंपनी बंद होती है तो रिस्किलिंग के नाम पर 15 दिन के वेतन के बराबर की राशि नहीं दी जाएगी। इस बारे में श्रम मंत्रालय ने दलील दी है कि जब फैक्टरी बंद होती है तो इसका मतलब है कि उसके पास पैसा नहीं है और जब पैसा नहीं है तो वह कंपनी कहां से कोई क्षतिपूर्ति करेगी। मंत्रालय ने कहा है कि रिस्किलिंग छंटनी के दौरान किया जाना चाहिए, बंदी के दौरान पैसे की उपलब्धता नहीं होने पर यह व्यावहारिक नहीं है। स्थायी समिति ने कहा है कि 15 दिनों की नहीं, बल्कि कम से कम 30 दिनों के वेतन के बराबर की राशि दी जाए।

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