नकद लेन देन से बचने के लिए किराना दुकानदार अपना रहे पेटीएम बिजनेस खाता, जानिए फायदे

नई दिल्ली : भारत की प्रमुख भुगतान और वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम ने आज घोषणा की है कि ‘बिजनेस खाता’ भारत की सबसे तेजी से बढ़ती ई-लेजर सेवा बन गई है। नकदी से बचने के लिए देश भर में किराना दुकानें डिजिटल लेन-देन को अपना रहे हैं। पेटीएम ने इस वर्ष जनवरी में बिजनेस खाता सेवा शुरू की थी और तब से 1500 करोड़ रुपये से अधिक की भुगतान राशि इस प्लेटफार्म पर रिकॉर्ड हो चुकी है। देश भर में लागू लॉकडाउन के दौरान इस सेवा को अपनाने वाले नए व्यापारियों और इसके माध्यम से होने वाले कुल दैनिक लेन-देन में चार गुना वृद्धि देखी गई है।

पेटीएम ने अपने क्यूआर आधारित मर्चेंट भुगतान व्यवस्था के द्वारा ऑफलाइन भुगतान में क्रांति का संचार किया है। कंपनी ने अपने साथ जुड़े किराना दुकान मालिकों की सुविधा के लिए बिजनेस खाते की शुरुआत की थी, ताकि वे सभी ग्राहकों के नकद और क्रेडिट (उधार) लेन-देन को डिजिटल लेज़र में बनाए रख सकें। इस सेवा का उपयोग कर दस लाख व्यापारियों ने अपने लेन-देन को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया है। इसके साथ ही क्रेडिट लेन-देन के लिए देय तिथियां निर्धारित करना और ग्राहकों को भुगतान की याद दिलाने के लिए स्वचालित संदेश भेजना भी उन्होंने सीख लिया है। इससे ग्राहकों को अपने बिलों के विवरण के साथ एक सूचना प्राप्त होती है और वे उसी लिंक के जरिये अपने पसंद के किसी भी भुगतान माध्यम जैसे- पेमेंट वॉलेट, पेटीएम यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करने में सक्षम होते हैं।

पेटीएम बिजनेस खाता सेवा व्यापारियों के लिए बिल्कुल मुफ्त है और वे ‘पेटीएम फाॅर बिजनेस’ ऐप डाउनलोड कर इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। वे आसान सत्यापन और बिक्री में दैनिक वृद्धि जानने के लिए रिपोर्ट भी डाउनलोड कर सकते हैं, इससे उन्हें अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

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