देश में लगातार घट रही है एटीएम की संख्या, जानिए क्या है वजह

नई दिल्ली : डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कुछ समय से देशभर में बड़ी संख्या में एटीएम बंद हुए हैं। इसमें सरकारी बैंकों के एटीएम की संख्या ज्यादा हैं। दूसरी वजह एटीएम के परिचालन में आने वाले अधिक खर्च को भी माना जा रहा है।

आरबीआई के हालिया जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक देशभर में बीते एक साल में 5000 से अधिक एटीएम बंद हुए हैं। पिछले वित्त वर्ष (2018-19) के दौरान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने 1126 एटीएम बंद किए, जबकि बैंक ऑफ इंडिया ने 1282, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 992, पंजाब नेशनल बैंक ने 413 एटीएम बंद किए हैं। निजी बैंकों में एक्सिस बैंक ने 2013, येस बैंक ने 424 एटीएम बंद किए हैं। वहीँ आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने अपनी शाखा के बाहर एटीएम में बढ़ोतरी की है।

नोटबंदी के बाद से डिजिटल लेन-देन और डिजिटल बैंकिंग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक डिजिटल बैंकिंग में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। एटीएम में नई सुरक्षा तकनीक के आने से एटीएम की लागत बढ़ी है। हालाँकि जानकारों का कहना है कि घटते एटीएम के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी हो सकती है, जहां लोग इंटरनेट बैंकिंग या डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं करते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक फिलहाल देश में प्रति 1 लाख लोगों पर मात्र 22 एटीएम हैं। अगर तुलना करें तो रूस में प्रति 1 लाख लोगों पर 164 एटीएम है। ब्राजील में प्रति 1 लाख लोगों पर 107 एटीएम हैं।

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