देश के के 80 लाख उद्यमियों को सरकार देगी राहत

नई दिल्ली : सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमियों को अब जीएसटी में रियायत मिलेगी। ये उद्यमी जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्स कंसलटेंट को मोटी फीस चुकाते हैं, जिससे अब उन्हें निजात मिलेगी। दरअसल, जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) 1.5 करोड़ रुपये सालाना तक का कारोबार करने वाले सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को रिटर्न फाइल करने के लिए मुफ्त सॉफ्टवेयर मुहैया करा रहा है। इससे देश के 80 लाख छोटे व्यापारियों के पैसे तो बचेंगे ही उन्हें रिटर्न फाइल करने में आसानी भी होगी।

जीएसटी नेटवर्क ने जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, उन्हें यह सॉफ्टवेयर मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। इससे वे खुद कंपनियों का बिल और लेखा-खातों का ब्योरा तैयार करने, वेयरहाउस के माल का प्रबंधन और जीएसटी रिटर्न तैयार कर पाएंगे। जीएसटीएन ने 1 वित्त वर्ष में 1.5 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले एमएसएमई को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए बिल और एकाउंटिंग साफ्टवेयर विक्रेताओं के साथ साझेदारी किया है, जिसके लिए करदाताओं को कोई फीस नहीं देनी होगी।

आपको बता दें कि देश में करीब 80 लाख एमएसएमई ऐसे हैं, जिनका कारोबार 1. 5 करोड़ रुपये या उस से कम है। जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार का कहना है कि इस पहल से एमएसएमई डिजिटल प्रणाली की ओर आगे बढ़ेंगे। उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुपालन का बोझ भी कम होगा।

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