ट्रेड वार पर चीन ने भारत को दी चेतावनी, कहा- पड़ेगा भारी

नई दिल्लीःअमेरिका से ट्रेड वार के बाद अब भारत ने चीन के खिलाफ ट्रेड वार छेड़ दिया है। भारत के ट्रेड वॉर शुरू करने से चीन अब बौखला गया है और उसने भारत को चेतावनी दी है। चीन की सरकार का मुखपत्र कहे जाने वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि ट्रेड वार में अमेरिका के साथ भारत का आना भी उसके लिए जोखिम भरा कदम साबित होगा।
चीनी सरकारी अखबार में छपे एक संपादकीय में कहा गया है कि चीन के खिलाफ संरक्षणवादी नीतियां अपनाकर यूएस की राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है। उसने संभावना व्यक्त की है कि भारत ट्रेड वार्ता से पहले यूएस को खुश करने की कोशिश कर रहा हो या फिर भारत दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन के मुद्दे पर भी ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा है। भारत के वाणिज्य विभाग ने सोमवार को चीन से आयातित सोलर सेल्स और मॉडयूल्स पर 25 फीसदी टैरिफ रखने का सुझाव दिया था। भारत के इसी कदम से चीन को दिक्कत हो रही है।

चाइना सेंटर फॉर एनर्जी इकनॉमिक्स रिसर्च के डायरेक्टर लिन बोकियांग ने कहा है कि बिल्कुल साफ है कि भारत चीन के खिलाफ संरक्षणवादी नीति अपनाकर ट्रंप की नकल करने की कोशिश कर रहा है। लिन ने यह भी कहा कि सोलर टैरिफ विश्व व्यापार संगठन की नीति के मुताबिक जरूरी एंटी डंपिंग इन्वेस्टिगेशन पर आधारित नहीं हैं। भारत ऐसा सिर्फ अपनी घरेलू इंडस्ट्री को सुरक्षा देने के इरादे से कर रहा है। इसमें बताया गया है कि प्रस्ताव को अभी भारत सरकार की मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन अगर भारत इन टैरिफ के साथ जाता है तो चीनी कंपनियों पर इसका असर बहुत ही कम होगा। क्योंकि चीन भले ही भारत को बड़े स्तर पर सोलर सेल्स और मॉड्यूल्स की आपूर्ति करता हो लेकिन कुल आपूर्ति की तुलना में यह बहुत थोड़ा है।
भारत के व्यापार घाटे का भी जिक्र
इसमें बताया गया है कि भारत का ये कदम बड़ी रणनीति की तरफ इशारा करता है। भारत स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ में छूट की उम्मीद में यूएस के साथ-साथ खड़े होने की कोशिश करता नजर आ रहा है। भारत चीन के साथ बढ़ रहे व्यापार घाटे का भी हल निकालने की कोशिश करेगा जो 2017 में 62.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। भारत अपने व्यापार घाटे को लेकर बहुत ही संवेदनशील हो गया है इसलिए वह चीन से बाजार में ज्यादा पहुंच बनाने के लिए यूएस के साथ हाथ मिला रहा है।
अमेरिका से दोस्ताना रवैया भारत को पड़ेगा भारी
चीनी अखबार ने लिखा कि चीन के साथ व्यापार घाटे को लेकर विश्व व्यापार संगठन में आवाज उठाने के बाद भारत यूएस, ईयू और हर उस देश के साथ हाथ मिला रहा है जिसने चीन पर अनुचित तरीके से व्यापार करने का आरोप लगाए हैं। भारत ने यूएस के साथ व्यापारिक रिश्ते सुधारने के लिए वाइट पेपर तैयार किया है और भारतीय अधिकारी इस सप्ताह स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ पर बात करने वाले हैं। चीन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत बहुत ही बड़ा रिस्क उठा रहा है और यूएस के साथ दोस्ताना रवैये से उसे कुछ हासिल नहीं होने वाला है बल्कि इससे बीजिंग की नाराजगी बढ़ सकती है व चीन को निर्यात बढ़ाने की कोशिशों को भी झटका लग सकता है।

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