जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने जंतर-मंतर पर किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री से की रोजगार देने की अपील

नई दिल्लीः आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्मियों ने बकाया वेतन दिए जाने की मांग की। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।

एयरलाइन को वित्तीय संकट से उभारे सरकार
जेट एयरवेज विमान मरम्मत अभियंता कल्याण संघ के अध्यक्ष आशीष मोहंती ने कहा, सरकार के यह समझना चाहिये कि एक तरफ वह नये रोजगार देने की बात करती है और दूसरी तरफ 22 हजार कर्मचारी बेरोजगार हो रहे हैं। उनके साथ ही परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त कई हजार अन्य लोगों के सामने भी रोजी-रोटी का प्रश्न खड़ा हो गया है। हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि 10 मई को बोली प्रक्रिया का इंतजार किये बिना जल्द से जल्द एयरलाइन को वित्तीय मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दें ताकि कंपनी उड़ानों का परिचालन कर सके और उसको बचाया जा सके।

हजारों कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
एयरलाइन के एक हजार से ज्याद कर्मचारियों ने यहां शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। इनमें पायलट, अभियंता, केबिन क्रू, लोडर, ड्राइवर तथा कार्गो, सेल्स, स्टोर और लॉजिस्टिक्स के कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने हाथों में पोस्टर और बैनर ले रखे थे जिन पर ‘हमारी पुकार सुनो, 9डब्ल्यू (जेट एयरवेज का कोड) को उड़ान भरने दो’ और ‘जेट एयरवेज को बचाओ, हमारे परिवारों को बचाओ’’ जैसे नारे लिखे थे। कई कर्मचारियों के परिवार के सदस्य भी उनका मनोबल बढ़ाने आये थे।आशीष मोहंती ने बताया कि अभी कर्मचारी बोली प्रक्रिया समाप्त होने का इंतजार कर रहा है लेकिन, यदि लंबे समय तक परिचालन शुरू नहीं हुआ तो संघ कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

बता दें कि संकट से जूझ रही एयरलाइंस ने कर्जदाताओं से कुछ अंतरिम धन मांगा है। इसके बाद कर्मचारियों अपना बकाया वेतन मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। शनिवार को विमानन कंपनी के केवल छह से सात विमानों ने उड़ान भरी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

us

चीन की बेल्ट रोड परियोजना पर भारत की चिंताओं को साझा करता है अमेरिका : एलिस वेल्स

वाशिंगटन : अमेरिका ने चीन की महात्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड’ (ओबीओआर) परियोजना पर भारत के विरोध का समर्थन किया और कहा कि वह इस आगे पढ़ें »

Ramjan Ali

बेलूर में संस्कृत पढ़ाएंगे मुस्लिम प्रोफेसर

कोलकाता : कोलकाता के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक कॉलेज के संस्कृत विभाग में एक मुस्लिम व्यक्ति को सहायक प्राध्यापक के तौर पर नियुक्त किया आगे पढ़ें »

ऊपर