जेएसएल ने मई में 12,000 टन से ज्यादा के ऑर्डर का निर्यात किए

नई दिल्ली : स्टेनलेस स्टील विनिर्माता जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड ने वैश्विक बाजारों के लिए उत्पादन बढ़ाकर फिर से अपने निर्यात में मजबूती हासिल की है। मई में जेएसएल ने 12,000 टन से ज्यादा के ऑर्डर का निर्यात किया, जो कि कंपनी के कुल निर्यात के 40% हिस्से से भी ज्यादा है। आमतौर पर यह संख्या 18-20% रहती है। जून में कंपनी की तैयारी निर्यात आर्डर का स्तर कोविड-19 से पहले की तरह 18,000 टन से ज्यादा पहुंचाने की है।

जेएसएल के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि हम परिस्तिथि के अनुसार खुद को ढ़ाल रहे हैं। यूरोप और रूस के पारंपरिक निर्यात बाजारों पर हमारा विशेष ध्यान है, क्योंकि हमारे अधिकतर निर्यात इन्ही देशों में जाते हैं। । इसके अलावा, निर्यात में वृद्धि की दृष्टि से हम कोरिया और दक्षिण अमेरिका जैसे अन्य बाजारों का भी आंकलन कर रहे हैं। बाजार की स्थिति के अनुरूप हम अपने परिचालन में उच्चतम स्तर बरकरार कर रहे हैं और हालात में सुधार आने पर हम घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भी तैयार रहेंगे।

मई के पहले सप्ताह में विनिर्माण इकाई के फिर से खुलने के बाद से जेएसएल ने अपने परिचालन में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की है। मई के अंत तक जेएसएल की डाउनस्ट्रीम इकाइयां अपनी स्थापित क्षमता के लगभग 60% स्तर पर परिचालन कर रही थीं। इस दौरान कंपनी की उपयोगिता कुल क्षमता का लगभग 40% रही। लॉकडाउन में धीरे-धीरे छूट मिलने पर जून में क्षमता को हम और बढ़ाएँगे। निर्बाध परिचालन और वस्तुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए जेएसएल स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।

सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को पुनर्जीवित करने पर ध्यान दिये जाने के मद्देनजर, अगले कुछ महीनों में स्टेनलेस स्टील की घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है। स्वास्थ्य और चिकित्सा उद्योग स्टेनलेस स्टील से बने उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए रास्ते खोल रहा है। इसके अलावा सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर जोर दिये जाने और रेलवे में स्टेनलेस स्टील के उपयोग के कारण, स्टेनलेस स्टील की मजबूत मांग बनी रहेगी। जैसे जैसे निजी वाहनों की मांग बढ़ेगी, दोपहिया-वाहन क्षेत्र, जिसका एक बड़ा हिस्सा जेएसएल के पास है, में बढ़ोतरी होगी।

चीन से निकास करती वैश्विक कंपनियों के लिए भारत एक नय  ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनेगा। वैश्विक बाजारों से चीनी उद्योगों द्वारा निर्मित सब्सिडीशुदा ऑटो कंपोनेंट, व्हाइट गुड्स, फार्मास्युटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि के लुप्त होने से, भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए बड़े अवसर सामने आ रहे हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

कोहली से भिड़ने से बचना चाहते हैं आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड

नयी दिल्ली : आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि उनकी टीम भारतीय कप्तान विराट कोहली से बल्लेबाजी के दौरान ‘भिड़ने से बचने’ को आगे पढ़ें »

इंग्लैंड ने पहले टेस्ट के लिये टीम का ऐलान किया, बेयरस्टो और मोईन बाहर

लंदन : इंग्लैंड ने अगले हफ्ते वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट के लिये शनिवार को 13 आगे पढ़ें »

ऊपर