ग्लोबल आर्थिक रिकवरी की उम्मीदों के बीच सोने की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली : दुनियाभर की सरकारों की मुख्य चिंता इस बात पर बनी हुई है कि लॉकडाउन को कैसे हटाया जाए और साथ ही अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार कैसे किया जाए। एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के चीफ एनालिस्ट ( नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी) प्रथमेश माल्या का कहना है कि इसे देखते हुए आर्थिक सुधार में तेजी की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन वैश्विक नेताओं के दिमाग में एक दूसरी लहर की आशंकाएं भी कायम हैं।

सोना
मंगलवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.74 प्रतिशत घटकर 1727.0 डॉलर पर बंद हुई, क्योंकि कई कारोबारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ने का असर पीली धातु की कीमत घटने के तौर पर हुआ। सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि कई देशों ने लॉकडाउन उपायों को हटाया और तेजी से आर्थिक सुधार के लिए योजनाएं शुरू कीं। पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में बड़े पैमाने पर दंगे भड़के। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सख्ती और सेना का उपयोग करने का वादा किया। इसके अलावा, अमेरिका और चीन के बीच तनाव ने बाजार की भावनाओं को प्रभावित किया और सोने की कीमतों में गिरावट को सीमित किया।

चांदी
मंगलवार को स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.99 फीसदी की गिरावट के साथ 18.1 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुईं। एमसीएक्स पर कीमतें 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 49,080 रुपए प्रति किलो पर बंद हुईं।

कच्चा तेल
ओपेक और रूस की ओर से अगले कुछ महीनों में आक्रामक उत्पादन कटौती जारी रखने के संकेत दिए हैं और यह रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 3.87 प्रतिशत बढ़कर 36.8 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुई। कई स्थानों पर कारखानों और उत्पादन इकाइयों के फिर से खुलने के साथ हवाई और सड़क यातायात में फिर से वृद्धि, बढ़ती कीमतों के कारण हुई। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव ने महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को रद्द करने को लेकर चिंताएं जारी रखीं। यदि यह डील रद्द होती है तो कच्चे तेल की मांग कम हो जाएगी।

बेस मेटल्स
मंगलवार को लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर बेस मेटल की कीमतें चीन में औद्योगिक गतिविधियों के फिर से शुरू होने के कारण पॉजीटिव नोट पर बंद हुई।

हालांकि, हेज फंड अब भी औद्योगिक धातुओं में लॉन्ग पोजिशन लेने से बच रहे हैं। इस फैक्टर ने बाजारों को सतर्क कर रखा है। अमेरिका-चीन तनाव जारी है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने महामारी के लिए चीन को दोषी ठहराया है। रिपोर्टों के अनुसार चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की सभी बड़े पैमाने पर खरीद रोक दी है। परिणामस्वरूप कड़े व्यापारिक युद्ध की वजह से बेसिक मेटल्स की कीमतों में वृद्धि सीमित रह सकती है।

इसके अलावा, अमेरिका में हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शन, लूटपाट और हिंसा ने बाजार की भावनाओं पर असर डाला है और बेस मेटल्स की कीमत में और वृद्धि को सीमित कर दिया।

कॉपर
मंगलवार को एलएमई कॉपर 0.81 प्रतिशत बढ़कर 5528.5 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ। चीन में आर्थिक सुधार की आशाओं ने लाल धातु की कीमतों को समर्थन दिया।

यह देखना आवश्यक है कि दुनिया के कई हिस्सों में मंदी जैसी स्थिति के कारण दुनियाभर की सरकारें बेरोजगारी, भुखमरी और कुपोषण की गंभीर समस्याओं से कैसे निपटती हैं। यह आशा की जाती है कि लॉकडाउन हटाने के साथ दुनिया धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएगी।

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