चैनल चयन की सुविधा नहीं देने वाली केबल कंपनियों पर होगी कार्रवाई: ट्राई

नई दिल्ली: दूरसंचार नियामक टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने नए नियमों का उल्‍लंघन करने वाले केबल टीवी और डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) सेवा देने वाली कंपनियों को सोमवार को चेतानवी दी। ट्राई ने कहा कि जो भी नए शुल्क आदेश और नियामकीय व्यवस्था की अवमामनना करते पकड़े गए तो उन्हे इसका दंड भुगतना पड़ सकता है।

सेवा प्रबंधन और आईटी प्रणाली का ऑडिट जल्द ही शुरू करेगा ट्राई

ट्राई उन कंपनियों के मामले में जल्द ही ग्राहकों के लिए सेवा प्रबंधन और अन्य आईटी प्रणाली का ऑडिट भी शुरू करेगा जो नियामकीय व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे हैं। इसको लेकर ट्राई के चेयरमैन आर.एस. शर्मा का कहना है कि उपभोक्ताओं की रुचि व हित सर्वोपरि है और उससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जो भी कंपनी नियमों का पालन नहीं कर रही है उसे उसका परिणाम भुगतना होगा।

ग्रहाकों को हो रही असुविधा की शिकायतें मिली हैं : शर्मा

शर्मा ने बताया कि, ‘हमें ग्राहकों को हो रही असुविधा के बारे में शिकायतें मिली हैं। ये शिकायतें सॉफ्टवेयर व प्रणाली से जुड़ी हैं जिसे डिस्ट्रीब्यूटर्स ने रखा हुआ है। इससे ग्राहकों को उनकी पसंद के विकल्प नहीं मिल रहे जबकि पूरी रूपरेखा का मकसद यही है। यदि रूचि के अनुसार चैनल पर पाबंदी है तो मूल रूप से आपका इरादा पैकेज और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना है। यह नियामकीय रूपरेखा की भावना के अनुरूप नहीं है।’
उन्होंने आगे कहा कि ग्राहक अगर चैनल पैकेज चुनते हैं तो ठीक है लेकिन कौन सा चैनल देखना है, यह विकल्प सिर्फ ग्राहकों के पास है और उन्हें इसकी सुविधा मिलनी चाहिए। अगर कंपनी ग्राहकों को उनकी रूचि के हिसाब से चैनल के चयन की अनुमति नहीं देती हैं तो यह नियमों का उल्लंघन होगा। हमने इन चीजों को गंभीरता से लिया है और कई डिस्ट्रीब्यूटर्स को कारण बताओ नोटिस भी भेजा है।’

5 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस

ट्राई चीफ ने कहा, ‘हमने नौ कंपनियों को दिशानिर्देश जारी किया और पांच को कारण बताओ नोटिस दिया है। जल्दी ही हम विभिन्न सेवा प्रदाताओं की प्रणाली की आडिट करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नये नियामकीय मसौदे का अनुपालन हो।’
उन्होंने कहा कि ट्राई का संदेश साफ है कि नियामकीय रूपरेखा का अक्षरश: पालन होना चाहिए। पिछले सप्ताह ट्राई ने कहा था कि जीटीपीएल हैथवे तथा सिटी नेटवर्क समेत छह केबल टीवी कंपनियों ने नए शुल्क आदेश समेत कई नियमों के उल्लंघन किए। उन्हें नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अन्य में फास्टवे ट्रांसमिशंस, डेन नेटवर्क, इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशंस तथा हैथवे डिजिटल का नाम शामिल है।

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