क्रूज उद्योग को बढ़ाने, सरकार ने बंदरगाह शुल्क किया 60 से 70 प्रतिशत कम

नयी दिल्ली : सरकार ने कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित क्रूज उद्योग की मदद करने के उद्देश्य से क्रूज जहाजों के लिये टैरिफ दरों को युक्तिसंगत बनाया है। इससे क्रूज जहाजों के लिये बंदरगाह शुल्क 60-70 प्रतिशत तक कम हो जायेगा। जहाजरानी मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इस कदम का उद्देश्य महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना भी है। जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को वैश्विक क्रूज मानचित्र पर लाने के दृष्टिकोण के अनुरूप देश में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम होगा।मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत की नदियों और समुद्र के पानी में चलने वाले क्रूज जहाजों के लिये शुल्क की दरों को युक्तिसंगत बनाया है। बयान में कहा गया, ‘दरों में छूट का शुद्ध प्रभाव बंदरगाह शुल्क में 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक तत्काल कमी के रूप में होगा। इससे भारत में क्रूज उद्योग को काफी राहत मिलेगी, जो सरकार की कोविड-19 महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था का समर्थन करने की नीति के अनुरूप है।’
दरें एक साल के लिए होंगी तत्काल प्रभावी
मंडाविया ने कहा कि इस निर्णय से महामारी के आर्थिक प्रभाव के दौर में क्रूज उद्योग और घरेलू क्रूज पर्यटन को समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जहाजरानी मंत्रालय के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिये किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है। बयान में कहा गया कि अब क्रूज जहाजों के लिये बंदरगाह शुल्क समेत युक्तिसंगत शुल्क की दरें पहले 12 घंटे रुकने के लिये 0.085 डॉलर प्रति जीआरटी (सकल पंजीकृत टनेज) होंगी, जो पहले 0.35 डॉलर प्रति जीआरटी थी। इसके अलावा प्रति व्यक्ति दर पांच डॉलर होगी। बंदरगाह इसके अलावा बर्थ हायर, बंदरगाह बकाया, पायलटेज, यात्री शुल्क आदि जैसा कोई शुल्क नहीं वसूलेंगे। बारह घंटे से अधिक रुकने की स्थिति में क्रूज जहाजों के लिये स्थायी शुल्क अधिसूचित दरों (एसओआर) के हिसाब से बर्थ हायर शुल्क के बराबर होगा। क्रूज जहाजों को इस पर 40 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके अलावा साल भर में पचास फेरी तक लगाने वाले क्रूज जहाजों को 10 प्रतिशत, 51 से 100 फेरी लगाने पर 20 प्रतिशत और 100 से अधिक फेरी लगाने पर 30 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मंत्रालय ने कहा कि युक्तिसंगत की गयी दरें एक साल की अवधि के लिये तत्काल प्रभावी होंगी।

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