कोविड-19 से लड़ने के लिए जेके टायर्स देगा साथ

नई दिल्ली : कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी जेके टायर भी शामिल हो गई है। इससे राहत के लिए कंपनी सार्वजनिक राहत उपायों को लागू किया है। कंपनी हर क्षेत्र में खाद्य आपूर्ति के साथ 10,000 से अधिक दिहाड़ी कर्मचारियों और प्रवासियों मजदूरों तक सेवाएँ पहुँचा रही है। जेके टायर ने 25 गांवों में चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किये हैं और भारत में अपने मैन्यु्फैक्च्रिंग स्थलों के आसपास के आवासीय इलाकों का सर्वेक्षण किया है।

जेके टायर सामुदायिक स्तर पर व्यापक जागरूकता पैदा करने की कवायद शुरू की है और कमर्शियल वाहन चालकों, सप्लारयर्स और अन्य विक्रेताओं को कोविड-19 के प्रसार के खिलाफ सतर्कता के उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाया है। सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख स्थानों पर मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए जा रहे हैं। कंपनी ने कोरोना टास्क-फोर्स की भी स्थापना की है जो सहकर्मियों, पार्टनर्स और उनके परिवारों की जरूरतों, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रयास करता है। कोविड-19 के प्रभाव से निपटने में मदद के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ वीडियो प्रशिक्षण सत्र और इंटरैक्टिव वेबिनार जैसी पहलों का आयोजन किया जा रहा है।

जेके टायर की आर एंड डी टीम एक लागत प्रभावी (कॉस्ट-इफेक्टिवव) वेंटिलेटर प्रोटोटाइप पर भी काम कर रही है। आवश्यक अनुमोदन प्राप्त हो जाने के बाद, जिला प्रशासन/स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के आधार पर, इन वेंटिलेटरों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है। डॉ. रघुपति सिंघानिया, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्ट र, जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज ने कहा कि हम सभी एक अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रहे हैं और दुनिया कोविड-19 के प्रसार को रोकने की दिशा में एक समुदाय के तौर पर प्रयास कर रही है। जहाँ हम अपने परिवार और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, तो वहीं समाज का एक बड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। हम हाशिये पर जी रहे समुदायों को ध्या न में रखते हुए राहत प्रयासों में अपनी विनम्र भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं।

कंपनी ने प्रधान मंत्री कोष में भी योगदान दिया है और यह देश भर के कई स्थानों पर समुदायों और प्रवासी मजदूरों की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।

सभी कार्य स्थलों पर आवासीय कॉलोनियों में 20,000 से अधिक हैंड सैनिटाइजर और मास्क वितरित किये गये। कई राज्यों के 150 से अधिक गांवों में प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक संपर्क प्रणालियों, घर-घर की जाने वाली यात्राओं, बैनर और पोस्टरों द्वारा कोविड-19 के खिलाफ बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में समुदायों को जागरूक किया गया। 25000 से अधिक लोगों की आबादी वाले आस-पास के गांवों में फ्यूमिगेशन (धुआं) किया गया।

चिकित्सा तक पहुंच
नागरिकों के बीच कोविड-19 लक्षणों की जांच के लिए प्राइमरी लेवल स्क्रीनिंग का संचालन करने के लिए कई गांवों में 50 से अधिक चिकित्सा शिविर लगाये गये और 5,000 ट्रक ड्राइवरों, सप्लाईयर्स/विक्रेताओं के लिए जागरूकता अभियान चलाये गये। इसके अलावा, जिला स्वास्थ्य विभागों को एम्बुलेंस, सुरक्षा सामग्री, मास्क, साबुन और दस्ताने प्रदान किये गये। प्लांभट के नजदीक आइसोलेशन वार्ड बनाये गये हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी ढांचे संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है।

प्रवासी श्रमिकों को सहायता
देश भर में कई स्थानों पर 20000 से अधिक लोगों को भोजन, दवाइयाँ, सैनिटाइजर, पीने का पानी और सूखा राशन का वितरण किया गया।सरकारी अधिकारियों, पुलिस विभाग और सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों को एनजीओ की मदद से भोजन का पैकेट और पीने के पानी की सहायता प्रदान की गई।

कर्मचारियों, डीलरों और चैनल पार्टनर्स की देखभाल
पुष्पावती सिंघानिया अस्पताल और अनुसंधान संस्थान (पीएसआरआई अस्पताल) के डॉक्टरों द्वारा जागरूकता सत्र आयोजित किये जा रहे हैं, ताकि उनकी सुरक्षा के साथ-साथ उनके परिवारों को भी जागरूक किया जा सके। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए कौशल निर्माण वेबिनार और ऑनलाइन पाठ्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

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