कोरोना के कारण हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को नुकसान, सरकार से की मदद की अपील

नई दिल्ली : होटल, फूड एंड बैवरेज और पर्यटन उद्योग ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर आई चुनौतियों से राहत और सहायता की उम्मीद जताई है। इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन राकेश कुमार ने कहा कि आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी ) उद्योग ट्रैवल, पर्यटन, फूड एंड बैवरेज इंडस्ट्री का कुल कारोबार पांच लाख करोड़ रुपये है। ये सेक्टर बड़ी संख्या में एमएसएमई सेक्टर के लोगों को रोजगार देते हैं। वर्तमान संकट और लॉकडाउन की वजह से हॉस्पिटैलिटी उद्योग ट्रैवल, पर्यटन, फूड एंड बैवरेज इंडस्ट्री को बुरी तरह से प्रभावित हुआ हा और इन सेक्टरों के सामने बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई गई है।

इन स्थितियों को देखते हुए हॉस्पिटैलिटी उद्योग ने प्रधानमंत्री को कुछ सुझाव दिया है:
• सम्पूर्ण हॉस्पिटैलिटी उपसेक्टर को 6 प्रतिशत ब्याज सबसिडी की मांग
• बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों से ऋण और कार्यशील पूंजी के लिए ईएमआई भुगतान का में राहत
• सभी वैधानिक देयताओं जैसे कि अग्रिम कर भुगतान, पीएफ, ईएसआईसी, सीमा शुल्क की छूट। इसके साथ ही केंद्र सरकार या किसी भी राज्य सरकार के स्तर पर, उत्पाद शुल्क, कर, बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपाजिट और पर्यटन, यात्रा, आतिथ्य और एफ एंड बी उद्योग समेत पूरे सेक्टर को किसी भी प्रकार के नवीनीकरण से छूट
• बिजली बिल और जलकर से अगले छह महीने के लिए पूरी तरह छूट या लोड की जगह वास्तविक उपभोग के आधार पर बिलिंग
• कर्मचारियों के वेतन में सहायता
● जीएसटी रिफंड का त्वरित निस्तारण

इंडिया हॉस्पिटैलिटी एक्सपो के अध्यक्ष हरि डब्बू ने कहा कि उन्होंने कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत वेतन समर्थन की मांग की है, इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआईसी भुगतान में समर्थन की सीमा को 30 हजार तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों तक करने की मांग की है। वर्तमान में ये सीमा 15 हजार तक ही है। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं औद्योगिक और वाणिज्यिक दोनों ही इकाइयों को मिलनी चाहिए।

होटल एंड रेस्टोरेंट इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनिल मलहोत्रा ने कहा कि पूरे सेक्टर में ही नकदी की अभूतपूर्व कमी हो गयी है, ऐसे में लंबित जीएसटी के त्वरित भुगतान से राहत मिलेगी। केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी का तुरंत भुगतान किया जाए और अगर कहीं कोई त्रुटि पाई जाती है तो 75 प्रतिशत का अंतरिम भुगतान किया जाय।

एसोसिएशन ऑफ रिसोर्स कंपनीज फॉर हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री आफ इंडिया के अध्यक्ष रजत पंधी ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और इससे जुड़े सभी सेक्टरों में आय में कमी की वजह से हर व्यवसाय में कार्यशील पूंजी की कमी हो रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों के वेतन, ब्याज, एडवांस टैक्स, कर्मचारी कल्याण निधि, ईएसआईसी, जीएसटी, एक्साइज, लाइसेंस की देनदारियों की वजह से नौकरियां पैदा करने वाले इस उद्योग को सरकार की तत्काल सहायता की जरुरत है।

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