कोरोना के कारण छोटे मध्यम उद्योगों के सामने बढ़े मुश्किलें, मांगी राहत पैकेज

नई दिल्ली : कोरोना को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों की सराहना करते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीथारमन से देश के 7 करोड़ व्यापारियों के लिए एक आर्थिक पैकेज देने की अपील की है। कैट ने कहा है कि वर्तमान में कोरोना पर काबू पाने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है कि कोविड -19 के बाद देश में व्यापार और वाणिज्य को किस तरह से नए सिरे से शुरू किया जाएगा ।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया ने कहा कि सरकार और आरबीआई द्वारा अब तक दी गई राहत के मद्देनज़र आर्थिक मंदी,बाजार में नकद तरलता की कमी और अनिश्चितता से पीड़ित अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कुछ और अधिक सुधारों की आवश्यकता है। कोरोना वायरस के वर्तमान प्रकोप ने संघर्षरत व्यापारिक वातावरण की परेशानी को और गहरा कर दिया है। भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने पिछले वर्षों में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर किसानों के लिए अलग-अलग राहत पैकेज दिए हैं। उसी तर्ज़ पर इस समय व्यापारियों के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन पैकेज की आवश्यकता है ।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से व्यापारियों के लिए आर्थिक पैकेज में सभी प्रकार के ऋणों पर लॉकडाउन अवधि के लिए बैंक ब्याज शुल्क की माफी, कार्यशील पूंजी को कम करने के लिए तीन महीने के लिए सभी कर भुगतानों को स्थगित करने, विभिन्न व्यावसायिक और रिहायशी सम्पत्तियों पर किरायों को 25% से -35%, तक करना ताकि मकान मालिक और किरायेदार दोनों कठिन अवधि में अपना गुजारा चला सकें, लॉकडाउन अवधि सरकार ने कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्देश जारी किया है, जबकि छोटे व्यापारी को बिना किसी राहत के अपने सभी नियमित खर्चों को भी वहन करना है। कैट ने सरकार से एक फार्मूला तैयार करने का अनुरोध किया है, जहाँ कुछ प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जा सकता है ताकि कर्मचारी और व्यापारी दोनों बच सकें।

खंडेलवाल ने कहा कि पहले से उतारे गए सामानों के जोखिम को कवर करने के लिए बंदरगाहों, रेलवे और अन्य स्थानों पर फ़ोर्स मैज्योर क्लॉज़ लगाया जाए, जिससे व्यापारियों एवं अन्य को आर्थिक क्षति से बचाया जा सके । व्यापारियों और अन्य लोगों को सभी सरकारी भुगतान 45 दिनों के मानक के अनुसार दिया जाए । जीएसटी और आयकर के तहत व्यापारियों को रिफंड तुरंत दिया जाना चाहिए जो व्यापारियों के लिए एक वित्तीय राहत हो सकती है। कैट ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि सरकार थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं और उनके कर्मचारियों को जो आवश्यक वस्तुओं का व्यापार करते हैं को भी मेडिकल एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की तरह 50 लाख स्वास्थ्य बीमा दिया जाए। के साथ आवश्यक उत्पादों में काम कर रही है।

व्यापारियों को आसान शर्तों पर रियायती दर पर ऋण दिया जाए। बिजली बिलो में केवल वास्तविक खपत का शुल्क लिया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार के फिक्स्ड शुल्क को 3 महीने के लिए स्थगित किया जाए। वर्तमान में, निजी एवं सीमित कंपनियां पर आय कर की दर 22% हैं, जबकि पार्टनरशिप फर्म पर 30% की उच्च आय कर है जो सही नहीं है और इसलिए साझेदारी फर्म की कर दर को भी 22% किया जाए ।

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