कोरोना : आवश्यक सामग्री प्रदान करने के लिए भारत को यूनिफाॅर्म कोड अपनाना होगा

नई दिल्ली :  विभिन्न राज्यों के स्थानीय प्रशासन एवं निजी सेक्टर भारत में कोविड-19 का प्रसार रोकने के उद्देश्य से लगाए गए 21 दिवसीय देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान चुस्ती से काम करने के लिए एकजुट हुए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रोसरी से लेकर बेबी फाॅर्मूला एवं सैनिटरी उत्पादों तक आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए पूरे भारत में एक नेशनल हैल्पलाईन का निर्माण किया गया है।

इन प्रयासों में मुख्य भूमिका देश के छोटे व मध्यम विक्रेताओं की है जो वह आवश्यक सामग्री एकत्रित कर रहे हैं। जो ई-काॅमर्स कंपनियां विभिन्न स्थानों पर मौजूद अपने नागरिकों को पहुंचाती हैं। इन सामग्रियों में प्राथमिकता घरों में उपयोग में आने वाले आहार एवं मेडिकल सप्लाई को दी जा रही है जो हजारों छोटे विक्रेता तेजी से प्राप्त कर एकत्रित कर रहे हैं एवं फिर उन्हें लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

ई-काॅमर्स कंपनियां डिलीवरी सहयोगियों के साथ डब्लूएचओ के दिशा निर्देशों के अनुरूप सावधानी के उपाय सुनिश्चित करके काम कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

– अलग-अलग शिफ्ट्स के दौरान खड़े होकर बात करने की अनुमति नहीं है।
– व्यवसाय की समस्त महत्वपूर्ण जानकारी मुख्य क्षेत्रों के पास बोडर््स के माध्यम से एवं मैनेजर्स के साथ बातचीत द्वारा साझा की जाएगी।
– जिन लोगों को अपने परिवारों के साथ संपर्क में रहना है, उन्हें अस्थायी सैलफोन उपलब्ध कराए गए हैं।
– सुरक्षा का स्तर बनाए रखना, जबकि उनके सभी सहयोगियों को घर पर रहना होगा तथा यदि वो अस्वस्थ महसूस कर रहे हों, तो इलाज कराना होगा।

डिलीवरी सहयोगी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो अनेक चुनौतियों का साहस से सामना करते हुए सुरक्षित व समयबद्ध तरीके से डिलीवरी सुनिश्चित करते हैं। ये सहयोगी अग्रिम कतार में रहकर काम करते हैं जो लाॅकडाउन में प्रतिदिन बाहर निकलकर सुनिश्चित करते हैं कि सभी आवश्यक सामग्री अपने गंतव्य तक पहुंचाई जा सके। प्रशासन ने अपनी ओर से ई-काॅमर्स को लाॅकडाउन से छूट देकर आवश्यक सामग्री का आवागमन आसान बनाया है। जहां कुछ प्राधिकरणों, जैसे पुणे पुलिस ने आवश्यक सामग्री सुगमता से पहुंचाने के लिए फास्टटैग से कनेक्टेड पास जारी किए हैं, वहीं दिल्ली में डिलीवरी सहयोगियों के कंपनी के आईडी कार्ड अधिकृत करके उन्हें कर्फ्यू पास जारी करने का झंझट ही खत्म कर दिया। इस उपायों से नागरिकों को आवश्यक सामग्री की ज्यादा तीव्र एवं ज्यादा विश्वसनीय आपूर्ति संभव हुई है।

द डायलाॅग के फाउंडर-डायरेक्टर काज़िम रिज़्वी ने कहा कि संकट के वक्त भारत में विक्रेताओं ई-काॅमर्स फर्म्स डिलीवरी सहयोगियों तथा स्थानीय एवं नेशनल प्रशासन मशीनरी ने गजब की एकजुटता दिखाई है। हमने दुनिया में देखा है कि कोविड-19 के मामले बढ़ने से उन देशों में रुके हैं, जहां लोग अपने घरों में बंद हो गए हैं, जिसका आग्रह हमारे प्रधानमंत्री महोदय ने किया। जहाँ वो नागरिकों को आवश्यक सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, वहीं नागरिकों को सोशल डिस्टैंसिंग (एक दूसरे से सामाजिक दूरी) बनाए रखना है। यह भी आवश्यक है कि सप्लाई चेन में किसी भी बिंदु पर आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में कोई कार्यशील रुकावट न आए तथा सभी इकाईयां जमीनी स्तर पर एक दूसरे के साथ सहयोग करें।

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