कुछ सालों में घर खरीदना हुआ मुश्किल : आरबीआई सर्वे

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक के एक सर्वे के मुताबिक कुछ सालों से खरीदारों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। रिजर्व बैंक जुलाई तिमाही आधार पर 13 शहरों में चुनिंदा बैंकों और आवास वित्त कंपनियों द्वारा दिए गए होम लोन पर रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी प्राइज मॉनिटरिंग सर्वे (आरएपीएमएस) कर रहा है।
रिजर्व बैंक ने सर्वे जारी करते हुए कहा कि पिछले 4 साल में घर लोगों की पहुंच से दूर हुए हैं। इस दौरान आवास मूल्य से आय अनुपात मार्च 2015 के 56. 1 से बढ़कर मार्च 2016 में 61. 5 हो गया। यानी आय की तुलना में मकान की कीमत बढ़ी है।

सर्वे के मुताबिक मुंबई में घर खरीदना सबसे मुश्किल हुआ है और भुवनेश्वर में सबसे आसान है। सर्वे कहता है कि इस दौरान औसत ऋण से आय (एलटीआई) अनुपात भी मार्च 2015 के 3 से मार्च 2019 में 3.4 हो गया है जो घर के लोगों की पहुंच से दूर होने की पुष्टि करता है। सर्वे के मुताबिक औसत ऋण से मूल्य (एलटीवी यानी होम लोन पर ऋण जोखिम) अनुपात 67. 7 से 69. 6 प्रतिशत हो गया है जो दर्शाता है कि बैंक अब अधिक जोखिम उठाने लगे हैं।

सर्वे के मुताबिक औसत ईएमआई से आय (ईटीआई) अनुपात पिछले 2 साल के दौरान स्थिर बना हुआ है। यह ऋण की पात्रता के बारे में बताता है। हालांकि, अन्य शहरों की तुलना में मुंबई, पुणे और अहमदाबाद ने अधिक ऊंचा औसत ईटीआई दर्ज किया। यह अध्ययन मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, जयपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, लखनऊ, भोपाल और भुवनेश्वर में किया गया।

शेयर करें

मुख्य समाचार

आयुर्वेदिक स्प्रे से केएमसी कोरोना के रेड जोन को तब्दील कर रहा है ग्रीन जोन में

केएमसी ने लिया 'वंडर स्प्रे 'का सहारा, राजाबाजार व बेलगछिया में मिली सफलता  सिंकी सिंह, कोलकाता : कोलकाता में कोरोना वायरस का मीटर तेजी से बढ़ आगे पढ़ें »

पीएमओ से बंगाल सरकार को मिला पत्र, 1 जून से शत प्रतिशत कर्मचारी जूट मिलों में करेंगे काम

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार ने जूट मिलों को एक जून से 100 प्रतिशत कर्मचारियों के आगे पढ़ें »

ऊपर