कर्ज की किस्त में राहत को लेकर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने 12जून तक के लिए टाली

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज की किस्त से राहत के दौरान बैंक द्वारा कर्ज की किस्त पर ब्याज लेने के मामले को गंभीर मुद्दा कहते हुए कर्ज की किस्त के साथ ब्याज भी माफ करने की मांग पर सुनवाई 12 जून तक टाल दी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर कोर्ट ने इस मामले में वित्त मंत्रालय तथा आरबीआइ से जरूरी निर्देश लेने के लिए एक सप्ताह का दे दिया है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कर्ज में राहत के दौरान ब्याज माफ करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

दरअसल कर्ज की किस्त से राहत में दो मुद्दे हैं, मोरैटोरियम के दौरान ब्याज न लिया जाए और दूसरा ब्याज पर कोई ब्याज न लिया जाए। वही इस मामले में पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने आरबीआइ और सरकार से याचिका का जवाब दाखिल करने को कहा था, आरबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाबी हलफनामें में याचिका का विरोध किया। हलफनामे में रिजर्व बैंक ने कहा कि ब्याज माफ करने से बैंकों की वित्तीय हालत खराब होगी। जवाब में याचिकाकर्ता के वकील राजीव दत्ता ने रिजर्व बैंक को कहा कि यहां बैंकों के लाभ की बात हो रही है। वहीं न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि आर्थिक मुद्दा लोगों की सेहत से बढ़कर नहीं है।

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