कचरा प्रबंधन के लिए सलाना 5 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत: रिपोर्ट

नई दिल्ली : उद्योग संगठन एसोचैम और ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय सलाहकार अर्नस्ट एंड यंग (ईवाई) के संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शहरों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एमएसडब्ल्यूएम) के कार्यान्वयन के लिए हर साल 5 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी ।

इस रिपोर्ट का शीर्षक ‘द बिग ‘डब्ल्यू’ प्रभाव: भारत में प्रभावी शहरी अपशिष्ट प्रबंधन समाधान’ है। इसमें एक व्यापक और भविष्य को देखते हुए नीति और सुझाव दिया गया है जो एक आधुनिक और स्वस्थ शहरी जीवन को गति दे सके। रिपोर्ट के मुताबिक शौचालय बनाने और खुले में शौच की समस्या का समाधान करने के अलावा सरकार को स्वच्छ भारत कार्यक्रम में अपशिष्ट प्रबंधन पर के बारे में सोचना चाहिए।

साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि उचित सेवा वितरण और मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों की होती है । ऐसे में वित्तीय क्षमता और प्रबंधन क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वे निजी क्षेत्र को ठेका दे सकें और उनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की निगरानी कर सकें।

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