ओपेक व सहयोगियों ने उत्पादन घटाया तो बढ़ेंगी कच्चे तेल की कीमतें

नई दिल्ली : कई अर्थव्यवस्थाओं ने लॉकडाउन नियमों को शिथिल करना शुरू कर दिया है और इसकी वजह से बुलियन और धातुओं की मांग बढ़ने की संभावना है। हालांकि, यूएस-चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रहा है और इसका असर अर्थव्यवस्था की रिकवरी पर पड़ रहा है।

सोना
सोने की कीमतें गुरुवार को 1.36 अंकों की गिरावट के साथ 1725.2 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुईं। लॉकडाउन नियमों में शिथिलता और दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों द्वारा घोषित व्यापक आर्थिक पैकेजों ने आर्थिक सुधार की उम्मीदें जगा दी हैं। हालांकि, इसके कारण सोने की अपील कमजोर हो रही है। बाजार में श्रम की अनुपलब्धता ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को भी हिला दिया है और अमेरिकी बेरोजगारी दर लगातार सातवें सप्ताह बढ़ी है। अमेरिका की ओर से प्रकाशित कमजोर आंकड़ों की वजह से सोने की कीमतों को नुकसान पहुंच रहा है। कोविड-19 से लड़ने के लिए संभावित टीकों के ट्रायल्स और यूएस-चीन के बीच बढ़ती दरार ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।

चांदी
गुरुवार को स्पॉट सिल्वर की कीमतों में 2.5 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया और यह 17.1 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। हालांकि, एमसीएक्स पर कीमत 3.51 प्रतिशत घटकर 47,335 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

कच्चा तेल
प्रमुख तेल उत्पादकों की ओर से आक्रामक मूल्य कटौती के बीच कई अर्थव्यवस्थाओं में वायरस संबंधी लॉकडाउन में शिथिलता से कच्चे तेल की मांग बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.28 प्रतिशत बढ़कर 33.9 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण ओपेक और उसके सहयोगियों द्वारा उत्पादन में कटौती करना है। भले ही अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में रिकवरी के साथ कच्चे तेल की मांग बढ़ने की उम्मीद थी, कच्चे तेल की कीमतों में लाभ सीमित रहा है। अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक युद्ध की अनिश्चितताओं के साथ-साथ महामारी के कारण आई आर्थिक गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को सीमित कर रही है। एमसीएक्स पर क्रूड ऑयल के कारोबार में उतार-चढ़ाव होने की उम्मीद है।

बेस मेटल्स
एलएमई पर बेस मेटल्स की कीमतें गुरुवार को जिंक के साथ मिल गई जो बाजार में सबसे बड़ा लूजर साबित हुआ। यूएस-चीन व्यापारिक संबंधों में आई दरार ने बेस मेटल्स की मांग को प्रभावित किया है, जो पहले से ही कोविड-19 के प्रकोप के कारण जमीन पर आ चुकी थी। हालांकि, दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने से औद्योगिक धातुओं की मांग में सुधार की उम्मीद है। 22 और 23 मई 2020 को चीन सरकार की महत्वपूर्ण बैठक है और उसमें बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक धातुओं की मांग बढ़ने की संभावना है। दूसरी ओर, फिलीपींस ने क्यू1 में निकल अयस्क के उत्पादन में 27% की गिरावट दर्ज की, जिसमें महामारी के कारण अधिकांश खदानों ने शून्य उत्पादन रिपोर्ट किया है।

कॉपर
एलएमई कॉपर की कीमतें 0.96 प्रतिशत कम होकर 5390.5 डॉलर प्रति टन पर बंद हुईं। यह गिरावट यूएस-चीन के संबंधों में खाई बढ़ने और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने के कारण आई है।
प्रथमेश माल्या, चीफ एनालिस्ट, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

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