एमएसएमई की मदद के लिए बनेंगे 20 प्रौद्योगिकी केंद्र

नयी दिल्लीः सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) की मदद के लिए सरकार 20 अतिरिक्त प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करेगी। एमएसएमई को आधुनिक प्रौद्योगिकियों तक पहुंच उपलब्ध कराने के अलावा ये केंद्र श्रमबल को कुशल बनाने तथा तकनीकी एवं कारोबारी सलाह उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वैश्विक एसएमई व्यापार सम्मेलन 2018 में एमएसएमई मंत्री गिरिराज सिंह यह जानकारी दी। देश के निर्यात में एमएसएमई का हिस्सा करीब 45 प्रतिशत है। सेवा गतिविधियों के जरिये इनका देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 24.63 प्रतिशत और विनिर्माण उत्पादन में 33.4 प्रतिशत हिस्सा है।
क्या है स्थित‌ि

10 ऐसे केंद्र इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में परिचालन में हैं। मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लिए कुछ चुनौतियां हैं लेकिन उन सभी क्षेत्रों में काम कर रही है। क्षेत्र की इकाइयों को समय पर कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और सूक्ष्म और लघु उपक्रमों के लिए ऋण गारंटी कोष न्यास से 19 लाख नए उद्यमी बने हैं। इन उद्यमियों ने करीब तीन करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि एसएमई को इस अवसर का लाभ उठाकर वैश्विक मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बनना चाहिए।


शेयर करें

मुख्य समाचार

अमेरिका का बजट घाटा एक हजार अरब डॉलर के पार !

बजट कार्यालय ने व्यक्त किया अनुमान वाशिंगटनः अगले वित्त वर्ष में अमेरिका का बजट घाटा एक हजार अरब डॉलर के पार जाने की आशंका है। यह आगे पढ़ें »

new zealand speaker

न्यूजीलैंड : संसद में रो रहे बच्चे को स्पीकर ने पियाला दूध, लोगों ने की सराहना

वेलिंगटन : न्यूजीलैंड के संसद भवन में स्पीकर ट्रेवर मलार्ड ने एक सांसद के बेटे को दूध पिलाया। मालूम हो कि संसद भवन में आमतौर आगे पढ़ें »

ऊपर