एफपीआई ने इस महीने बाजार से करीब 3,000 करोड़ रुपये निकाले

नई दिल्ली : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर महीने में शेयरों में शुद्ध रूप से करीब 7,850 करोड़ रुपये का निवेश किया था और अक्टूबर के तीन शुरुआती कारोबारी दिन में करीब 3,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक फिर से निवेश में तेजी ला सकते हैं, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती और सेबी के कुछ फैसलों से निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को इस साल पांचवी बार रेपो रेट में 0.25 फीसद की कटौती की है, जिसके बाद नया रेट घटकर 5.15 फीसद हो गया। पिछले करीब एक दशक में यह रेपो की सबसे निचली दर है। मालूम हो कि विदेशी निवेशकों ने 1 से 4 अक्टूबर के दौरान शेयरों से शुद्ध रूप से 2,947 करोड़ रुपये और कर्ज या बांड बाजार से 977 करोड़ रुपये निकाले। इस तरह उन्होंने कुल 3,924 करोड़ रुपये की निकासी की।

आपको बता दें कि सरकार ने सितंबर महीने के अंत में कॉरपोरेट टैक्स में 10 फीसद कटौती का एलान किया था और एफपीआई टैक्स को खत्म कर दिया था। साथ ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी फपीआई के लिए अपने ग्राहक के लिए केवाईसी नियम आसान बना दिए हैं, इससे वे प्रतिभूति बाजार से बाहर भी लेनदेन कर सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि कंपनियों के अच्छी तिमाही नतीजों से एफपीआई निवेश में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, ग्लोबल इकॉनोमिक और ट्रेड वार की चिंताओं की वजह से बाजार में सुस्ती रह सकती है।

 

 

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