एनक्लैट ने मैक्डोनाल्ड्स के इस सहयोगी पर बिना इजाजत विदेश जाने पर रोक लगाई

नई दिल्ली : नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट टिब्यूनल (एनक्लैट) ने मैक्डोनाल्ड्स और उसकी भारतीय सहयोगी रही सीपीआरएल के मालिक विक्रम बख्शी को आपसी समझौते पर रोक लगाते हुए डीआरटी से इजाजत लिए बगैर विदेश जाने पर रोक लगा दी है।  एनक्लैट ने कहा है कि वह अमेरिकी फास्ट फूड चेन मैक्डोनाल्ड्स और उत्तर-पूर्वी भारत में उसकी सहयोगी रही कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (सीपीआरएल) के बीच हुए सौदे की समीक्षा करेगी।

वहीँ टिब्यूनल के मुताबिक सीपीआरएल के मालिक विक्रम बख्शी द्वारा सीपीआरएल में अपने शेयर मैक्डोनाल्ड्स के हाथों बेचने संबंधी सौदे की समीक्षा की जाएगी। चेयरमैन जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि मैक्डोनाल्ड्स और विक्रम बख्शी के बीच हुआ समझौता डेट रिकवरी टिब्यूनल (डीआरटी) के आदेशों का उल्लंघन है और इसका क्रियान्वयन रोका जाए।

भारत में मैक्डोनाल्ड्स के स्टोर चलाने का अधिकार दो कंपनियों को मिला था जो उत्तर व पूर्वी भारत में कंपनी के स्टोर विक्रम बख्शी नियंत्रित सीपीआरएल चलाती थी, जबकि पश्चिम और दक्षिण भारत के लिए यह अधिकार अमित जाटिया नियंत्रित वेस्टलाइफ डेवलपमेंट के पास है। सीआरपीएल ने वर्ष 1995 में 50:50 हिस्सेदारी के साथ अगले 25 वर्षो के लिए मैक्डोनाल्ड्स स्टोर चलाने का अधिकार लिया था।

हालांकि वर्ष 2013 में विक्रम बख्शी को सीपीआरएल के एमडी पद से हटा दिया गया और वे तत्कालीन कंपनी लॉ बोर्ड की शरण में चले गए। एनसीएलटी ने 14 जुलाई, 2017 को उनका पद बहाल कर दिया, जिसके खिलाफ मैक्डोनाल्ड्स ने एलक्लैट में याचिका लगाई और तब मैक्डोनाल्ड्स ने रॉयल्टी भुगतान न होने का हवाला देकर सीपीआरएल फ्रैंचाइज करार खत्म कर दिया। बाद में मैक्डोनाल्ड्स ने विक्रम बख्शी के साथ सुलह इंकार कर दिया।

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