इन वजहों से एसीसी और अंबुजा सीमेंट की घट रही है बाजार हिस्सेदारी

नई दिल्ली : होल्सिम समूह के लोकप्रिय सीमेंट ब्रांड एसीसी और अंबुजा सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी घट रही है। उद्योग की वृद्धि दर के अनुरूप अपनी रफ्तार बरकरार रखने में दोनों कंपनियां विफर हैं और बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं से भी इन दोनों सीमेंट कंपनियों की दूरी बढ़ गई है, जबकि इस क्षेत्र में सीमेंट की मांग बढ़ रही है।

अनुसंधान रिपोर्टों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 में एसीसी की बाजार हिस्सेदारी 8.3 फीसदी थी जो घटकर 2018 में 7.3 फीसदी और  अंबुजा सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी साल 2014 में 9.4 फीसदी थी जो घटकर 2018 में 8.6 फीसदी रह गई। ऐम्बिट कैपिटल के अनुसंधान प्रमुख नितिन भसीन ने कहा कि एसीसी और अंबुजा सीमेंट तगड़ी प्रतिस्पर्धा वाले बुनियादी ढांचा निविदा बाजार में खुद को बरकरार नहीं रख पाई। बुनियादी ढांचे का ग्राफ बढऩे के साथ ही इन दोनों कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी घटने लगी। साथ ही इन दोनों कंपनियों ने बाजारी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय कंपनियों की तरह निवेश भी नहीं किया।
वहीँ अंबुजा सीमेंट के अधिकारियों ने बताया कि उनकी कंपनी ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर ध्यान न केंद्रित करने का निर्णय लिया है। भवन एवं बुनियादी ढांचा (बीऐंडआई) क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के मौजूदा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए हम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम खुदरा केंद्रित रणनीति को लगातार जारी रखेंगे, क्योंकि इसका नकदी विनियम अनुपात बेहतर है। हम मुख्य तौर पर खुदरा श्रेणी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसका हमारी कुल बिक्री में करीब 82 फीसदी का योगदान है। व्यक्तिगत मकान बनाने वालों के बीच हमारे उत्पाद काफी लोकप्रिय हैं।

उद्योग के जानकारों का कहना है कि कुल मांग में बुनियादी ढांचा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 20 फीसदी हो गई है जो दो साल पहले 15 फीसदी रही थी। वर्ष 2018-19 में सीमेंट उद्योग 12 फीसदी के अनुमान से कहीं अधिक वृद्धि दर्ज की। कैलेंडर वर्ष 2018 में एसीसी ने 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जबकि अंबुजा सीमेंट की वृद्धि 6 फीसदी रही। दोनों कंपनियां कैलेंडर वर्ष के अनुसार वित्तीय नतीजे जारी करती हैं। हालाँकि इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एसीसी और अंबुजा ने काफी निवेश किया है और अन्य कंपनियों की ही तरह इन दोनों ने भी अपनी वृद्धि को उद्योग के स्तर तक ले जाने के लिए क्षमता बढ़ाई है, लेकिन 2015 के दौरान इन दोनों कंपनियों की श्रेणी बार वृद्धि दर कमजोर रही। अंबुजा सीमेंट अपने ब्रांड को लगातार बढ़ावा दे रही है। कंपनी अपने नए एवं महंगे उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए विपणन एवं वाणिज्यिक रणनीति तैयार की है। देश भर में इन उत्पादों के लिए मांग बढ़ रही है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

कुलपति परिषद ने राज्यपाल धनखड़ के पत्र पर जताई आपत्ति

कोलकाता : पश्चिम बंगाल कुलपति परिषद ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे गए उस पत्र पर आपत्ति जताई जिसमें आगे पढ़ें »

बंगाल के जिलों में केंद्रीय टीम चक्रवात से तबाह सर्वेक्षण करेंगी

कोलकाता : अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) चक्रवात अम्फान से तबाह हुए जिलों का सर्वेक्षण करने के लिए गुरुवार शाम को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। राज्य सरकार आगे पढ़ें »

ऊपर