आरटीजीएस-नेफ्ट के जरिये लेन-देन पर नहीं लगेगा शुल्क

मुंबई: डिजिटल लेन-देन को मजबूत बनाने के इरादे से रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और नेफ्ट के जरिये धन अंतरण के लिए बैंकों पर लगने वाले शुल्क समाप्त करने की घोषणा की और बैंकों को इसका लाभ ग्राहकों को देने को कहा। दो लाख रुपये से अधिक की राशि तत्काल दूसरे के खाते में भेजने के लिये रीयल टाइम ग्रास सेटिलमेंट (आरटीजीएस) का उपयोग किया जाता है। 2 लाख रुपये तक की राशि भेजने में के लिए नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड्स ट्रांसफर (नेफ्ट) प्रणाली बनी है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) नेफ्ट के जरिये धन अंतरण के लिये ग्राहक से 1.0 रुपये से लेकर 5 रुपये तक का शुल्क लेता है। आरटीजीएस के मामले में यह शुल्क 5 रुपये से 50 रुपये के बीच है। एटीएम पर शुल्क की समीक्षाः आरबीआई ने एटीएम के उपयोग पर लगाये गये शुल्क की समीक्षा को लेकर समिति गठित करने का निर्णय किया है। इसका कारण एटीएम उपयोग करने वालों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ रही है। भारतीय बैंक संघ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में इसमें सभी संबद्ध पक्ष होंगे। समिति एटीएम शुल्क और दरों की सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि समिति द्वारा अपनी पहली बैठक के दो महीने के भीतर सिफारिशें देने की उम्मीद है।

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