आखिरकार कर्ज में डूब ही गई दूसरी देसी विमानन कंपनी जेट एयरवेज, आज से परिचालन बंद

नई दिल्ली: वित्तीय संकट से जूझ रही भारतीय विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने गुरुवार से अपनी सेवाएं अस्‍थाई रूप से बंद कर दी है। बता दें कि विजय माल्या की किंगफिशर विमानन कंपनी के बंद होने के बाद जेट एयरवेज दूसरी सबसे बड़ी भारतीय विमानन कंपनी है जो बंद हो रही है। इससे पहले 2012 में माल्या की किंगफिशर एयरलाइन्स ने दम तोड़ा था वहीं काफी मशक्कत के बाद भी 26 साल से अपनी सेवाएं दे रही जेट एयरवेज को भी कर्ज से नहीं बचाया जा सका। अंतत: बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के कारण गुरुवार को परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया।

26 बैंकों के कर्ज में डूबी कंपनी
बता दें कि जेट एयरवेज ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए मंगलवार को कंपनी के सीईओ ने एसबीआई से तत्काल 400 करोड़ रुपये की मांग की थी जो पूरी न हो सकी। देखा जाए तो जेट एयरवेज पर अभी भी कुल 26 बैंकों का करीब 8500 करोड़ रुपये का कर्ज ब‌काया है जिनमें कुछ प्राइवेट और विदेशी बैंक भी शामिल हैं। पब्लिक सेक्टर बैंक में केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इलाहबाद बैंक, एसबीआई और पीएनबी शामिल हैं।
वहीं, आईसीआईसीआई और यस बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों का भी बकाया जेट को चुकाना है। दरअसल 2010 के संकट के बाद एयरलाइन का कर्ज संकट गहराने लगा। इस दौरान कंपनी को लगातार चार तिमाहियों में घाटा उठाना पड़ा। इसके बाद वह ईएमआई चुकाने में फेल होने लगी और कर्ज बढ़ता चला गया।

बुधवार को जेट ने भरी थी आखिरी उड़ान
गौरतलब है कि श्री गुरु रामदास अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजासांसी से बुधवार रात सवा दस बजे अपने 91 यात्रियों के साथ जेट एयरवेज की फ्लाइट ने अपनी अंतिम उड़ान भरी। वहीं जेट की दिल्ली-अमृतसर-मुंबई फ्लाइट बुधवार रात साढ़े नौ बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरी। इसी फ्लाइट ने रात सवा दस बजे मुंबई के लिए उड़ान भरी और इसके साथ ही गुरुवार से सभी उड़ानें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया।

जेट के 22000 कर्मचारी बेरोजगार
एयरलाइन कंपनी का परिचालन गुरुवार से अस्‍थाई रूप से रुक जाने के बाद अब कंपनी के करीब 16,000 स्थाई और 6000 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज 400 पायलटों ने नौकरी छोड़ दी। देखा जाए तो कुल मिलाकर 22000 कर्मचारी बेरोजगार हो जाऐंगे।

कभी 650 विमानों का करती थी परिचरलन
1991 में एयर टैक्सी के रूप में शुरू होने वाली जेट एयरवेज देश की एक मात्र ऐसी विमानन कंपनी है जो कभी एक दिन में 650 फ्लाइट्स तक का परिचालन करती थी । इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के मामले में जेट एयरवेज देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक रह चुकी है। वहीं दिसंबर 2018 तक जेट के पास बोइंग 777 और एयरबस ए330, सिंगल बी737 और टर्बोप्रॉप एटीआर के साथ कुल 124 एयरक्राफ्ट थे लेकिन बदहाली ऐसी छाई की 18 अप्रैल 2019 को केवल पांच विमान उड़ान भर पाई। यदि आंकड़ा देखा जाए तो चार महिनों में कुल 119 विमानों की संख्या में कमी आई। जेट एयरवेज पहले ही अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा कर चुकी थी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

P Chidambaram

आईएनएक्स मामले में चिदंबरम को मिली जमानत, फिर भी नहीं हो पाएंगे रिहा

नई दिल्ली : आईएनएक्स मीडिया मामले में मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को उच्चतम न्यायालय ने जमानत दे दी है। आगे पढ़ें »

cricket

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पारी और 202 रन से हराया, 3-0 से किया क्लीनस्वीप

रांची : रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में मंगलवार को भारत ने शानदार आलराउंड प्रदर्शन के दम पर आगे पढ़ें »

ऊपर