आईएलएंडएफएस समूह के पूर्व सीईओ बावा की दोस्त के घर से गिरफ्तारी, जानिए क्या है मामला

नई दिल्ली : आईएलएंडएफएस समूह में हुए में दूसरी गिरफ्तारी हो गई है. धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने शनिवार को आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज के पूर्व प्रमुख रमेश सी बावा को गिरफ्तार कर लिया है. भारी वित्तीय संकट में फंसे आईएलएंडएफएस समूह में धोखाधड़ी में यह दूसरी गिरफ्तारी है. कंपनी के प्रबंधन निदेशक और सीईओ रहे बावा ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग और धोखाधड़ी किया. जानकारों के मुताबिक बावा ने उन कंपनियों को ऋण दिया, जो उस पैमाने पर खरी नहीं उतरती, जिससे कंपनी और उसके कर्जदाताओं को नुकसान हुआ.

आपको बता दें कि इस महीने की शुरूआती जाँच में बावा दे पहले जांच एजेंसी ने आईएलएंडएफएस के पूर्व उपाध्यक्ष हरि शंकरन को गिरफ्तार किया गया था. आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर बैंकों और बांडधारकों का करीब 17,500 करोड़ रुपये का बकाया है. पिछले साल आईएलएंडएफएस समूह की कुछ कंपनियों को ऋण भुगतान में चूक के बाद इससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का मामला सामने आया. इस मामले में सरकार ने नया बोर्ड बिठा दिया है. अब कंपनी को संकट से बाहर निकलने की कोशिश की जा रही है. एसएफआईओ आईएलएंडएफएस की विभिन्न समूहों की भी जांच की जा रही है. दरअसल बावा ने इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी भी डाल दी थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.

रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें लगातार समन भेजा रहा था, लेकिन उन्होंने अपना नंबर भी बदल लिया था. जांच एजेंसी एसएफआईओ की टीम जब उनके घर जाती थी तो कहा जाता था कि वो घर पर नहीं हैं. परिवारवाले भी उनके बारे में किसी भी तरह की जानकारी से मना कर देते थे. एसएफआईओ उनकी गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई थी, जिसके बाद उनके दोस्त के घर से उनकी गिरफ्तारी हुई.

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