अमेरिका में 2020 या 2021 में आ सकती है मंदीः सर्वे

वाशिंगटनः दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका दो साल के अंदर मंदी में फंसने जा रही है। आर्थिक विशेषज्ञों के बीच एक सर्वे में ऐसा कहा गया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कदमों से इस मंदी की शुरुआत का संभावित समय पीछे टाल दिया गया है। ऐसे समय यह सर्वे रपट आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के मंदी में घिरने की बात का विरोध किया है। कंपनियों के अर्थशास्त्रियों के संगठन ‘नेशनल एसोसिएशन फार बिजनेस इकॉनमिस्ट्स (एनएबीई)’ के ताजा सर्वे में फरवरी की तुलना में विशेषज्ञों की संख्या काफी कम हुई है जो यह मानते हैं कि अमेरिका में मंदी का दौर इसी वर्ष (1919) में शुरू हो जायेगा। एनएबीई के अध्यक्ष और केपीएमजी के मुख्य अर्थशास्त्री कांस्टैंस हंटर ने कहा कि सर्वे रपट में कहा गया है कि मौद्रिक नीति में बदलाव से अर्थव्यवस्था में विस्तार का दौर कुछ और समय तक चल सकता है। इस सर्वे में 226 में केवल दो प्रतिशत ने कहा कि मंदी इसी साल शुरू हो सकती है। फरवरी में ऐसा मानने वाले 10 प्रतिशत थे। हंटर ने कहा कि मंदी 2020 में आएगी या 2021 में, इस बात पर राय बंटी नजर आयी। 38 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अमेरिका अगले साल मंदी में पड़ सकता है जबकि 34 प्रतिशत का कहना है कि यह अगले साल (2021) से पहले नहीं होगा।

नहीं मानते ट्रंपः ट्रम्प ने कहा था, ‘मैं हर बात के लिए तैयार हूं। मुझे नहीं लगता कि हम मंदी में पड़ेंगे। हम बहुत अच्छा चल रहे हैं। हमारे उपभोक्ता धनी हैं। मैंने उन्हें कर में जबरदस्त छूट दी है उनके पास खूब पैसा है। वे खरीदारी कर रहे हैं। मैंने वाल मार्ट के आंकड़े देखें हैं उन्हें छप्पर फाड़ आमदनी हो रही है।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

हम जितना क्रिकेट खेल रहे थे, ऐसे में लॉकडाउन वाला ब्रेक जरूरी : रवि शास्त्री

नयी दिल्ली : भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि कोविड - 19 के कारण पूरी दुनिया मानों रूक जाने से आगे पढ़ें »

धोनी की टीम इंडिया में वापसी मुश्किल है : भोगले

नयी दिल्ली : भारत के मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले का मानना है कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का टीम इंडिया में वापस आगे पढ़ें »

ऊपर