अमेरिका-चीन व्यापार विवाद : शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 487 तो निफ्टी 138 अंक टूटा

मुंबई : अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार विवाद का असर अब भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिखने लगा है। शेयर बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स 487 अंक और टूट गया। निफ्टी भी 11,400 अंक के स्तर से नीचे आ गया। दोनों देशों के बीच पैदा हुये व्यापार विवाद से वैश्विक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाया गोता

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बुधवार को 487.50 अंक टूटकर (1.27 प्रतिशत) 37,789.13 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 37,743.07 से 38,248.57 अंक के दायरे में घट बढ़ हुई। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 138.45 अंक या 1.20 प्रतिशत के नुकसान से 11,359.45 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान इसने 11,346.95 अंक का निचला स्तर तथा 11,479.10 अंक का उच्चस्तर भी छुआ।

निवेशकों का रुख सुरक्षित विकल्पों की ओर

दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने की चेतावनी दी है। ट्रंप की इस घोषणा के बाद से ही वैश्विक बाजारों में गिरावट का रुख है। दुनिया की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव बढ़ने से निवेशक निवेश के सुरक्षित विकल्पों मसलन बांड, सोना और जापानी येन की ओर रुख कर रहे हैं।

इन कंपनियों के शेयर प्रतिशत नीचे आये

विश्लेषकों ने कहा कि रुपये में कमजोरी, कंपनियों के तिमाही नतीजों में मिलाजुला रुख और आम चुनाव से पहले सतर्कता की वजह से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई है। सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का शेयर 3.35 प्रतिशत तक नीचे आया। साथ ही बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, बजाज आॅटो, सनफार्मा, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, वेदांता, महिंद्रा एंड महिंद्रा, यस बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में 3.22 प्रतिशत तक नुकसान दर्ज हुआ। वहीं दूसरी ओर एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयर 0.60 प्रतिशत तक चढ़ गए।

भविष्य में वैश्विक वृद्धि प्रभावित होगी

कारोबारियों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ने से वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट आई जिसका असर यहां भी दिखाई दिया। शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के प्रमुख (परामर्श) हेमांग जानी ने कहा, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ने से पिछले दो दिन से बाजार में गिरावट आ रही है। दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच यदि सहमति नहीं बनती है तो इससे निकट भविष्य में वैश्विक वृद्धि प्रभावित होगी। बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप में 1.21 प्रतिशत तक का नुकसान रहा।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट

शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 645.08 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 818.84 करोड़ रुपये की लिवाली की। चीन के कमजोर व्यापार आंकड़ों से अन्य एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई। शंघाई कम्पोजिट 1.12 प्रतिशत टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग 1.23 प्रतिशत, जापान का निक्की 1.46 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 0.41 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार में मिला जुला रुख रहा।

शेयर बाजार के सूत्रों की मानें तो अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे के नुकसान के साथ 69.59 प्रति डॉलर पर चल रहा था। वहीं वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.41 प्रतिशत के नुकसान से 69.59 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

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