अमेरिका-चीन तनाव के बीच ये तय करेंगे बाजार की रफ्तार

नई दिल्ली : औद्योगिक उत्पादन, मुद्रास्फीति और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव आने वाले सप्ताह में तेल के दाम और बाजार की दिशा तय करेंगे। वहीं पिछले सप्ताह गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में नकदी चिंता को लेकर शेयर बाजारों पर असर दिखा और निवेशकों की इस पर भी नजर होगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 98.30 अंक तथा एनएसई निफ्टी 52.15 अंक नीचे आए।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने का कहना है कि मॉनसून का प्रसार कैसे होता है, यह भी ध्यान देने योग्य बात होगी। अब बाजार का ध्यान अगले महीने पेश होने वाले बजट पर होगा। माना जा रहा है कि सरकर निजी निवेश को बढ़ाने के लिए सुधारों को गति देगी और वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका-मेक्सिको-चीन व्यापार युद्ध चिंता तथा इस महीने के अंत में ओपेक की प्रस्तावित बैठक से पहले कच्चे तेल के दाम में तेजी पर निवेशकों की निगाह होगी। आपको बता दें कि औद्योगिक उत्पादन का आंकड़ा तथा मुद्रास्फीति की दर इस बुधवार को घोषित किए जाने की उम्मीद है। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति आंकड़ा बाजार बंद होने के बाद शुक्रवार को आएगा।

वहीँ एपिक रिसर्च के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मुस्तफा नदीम का कहना है कि इस सप्ताह हमारा ध्यान मुद्रास्फीति के आंकड़े पर होगा। बाजार की दिशा अब व्यापार युद्ध, रुपये की विनिमय दर तथा कच्चे तेल के दाम जैसे वैश्विक संकेतकों से तय होगी।

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